देश का सबसे बड़ा कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स अगले हफ्ते अपना आईपीओ (शुरुआती पब्लिक ऑफर) लेकर पूंजी बाजार में उतर रहा है। आईपीओ 22 फरवरी को खुलेगा और 24 फरवरी तक खुला रहेगा। इसके तहत कंपनी दस रुपए अंकित मूल्य के 64,27,378 शेयर जारी करेगी। इसमें से ढाई लाख शेयर कर्मचारियों के लिए आरक्षित हैं। इस तरह व्यावहारिक तौर पर यह आईपीओ 61,77,378 शेयरों का है। माना जा रहा है कि कंपनी इससे 650 करोड़ से लेकर 750औरऔर भी

नई पीढ़ी या अमेरिका-यूरोप के लोग फास्टफूड के पीछे भागें तो समझ में आता है। लेकिन हमें भी सब कुछ पकापकाया पाने की चाहत लग गई है। हम भूल जाते हैं कि ये न तो कोई राजा-महाराजों का जमाना है और न ही हम कोई धन्नासेठ हैं कि जिसे भी चाहें, सेवा में लगाकर अपना काम करवा सकते हैं। अपनी बचत को संभालकर निवेश करने की कला हमें खुद ही सीखनी व विकसित करनी होगी। दूसरा कोईऔरऔर भी

कंपनियों के नतीजों का मौसम खत्म होने को है। अब तक तस्वीर यह बनी है कि जहां इनफोसिस और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी तमाम बड़े स्तर की कंपनियां बाजार की अपेक्षाओं को पूरा करने में नाकाम रही हैं, वहीं पोलारिस, एचसीएल टेक्नो व हिंदुस्तान जिंक जैसे मध्यम स्तर की कंपनियों ने उम्मीद के बेहतर नतीजे हासिल किए हैं। कुल मिलाकर कॉरपोरेट क्षेत्र का लाभार्जन बीते वित्त वर्ष 2010-11 में पहले से 20 फीसदी ज्यादा रहेगा। लेकिन चालू वित्तऔरऔर भी

मुथूत फाइनेंस। दो हाथी सूड़ से सूड़ टकराते हुए। बड़े-बड़े दावे। बड़े-बड़े विज्ञापन। पब्लिक से पैसे जो जुटाने हैं!! आईपीओ इसी सोमवार 18 अप्रैल को खुलेगा। कंपनी कहती है कि वह भारत की सबसे बड़ी गोल्ड फाइनेंसिंग कंपनी है और हर दिन के उसके औसत कस्टमर 67,953 हैं। महीने, साल गिन लीजिए। अरे, जब इतने ही कस्टमर हैं तो पब्लिक को 5.15 करोड़ शेयर जारी करने की जरूरत क्यों पड़ गई? एक तरफ कहती है कि वहऔरऔर भी

लंदन धातु बाजार में तेजी के रुख को देखते हुई सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी नेशनल एल्युमीनियम कंपनी (नाल्को) ने अपने सभी तरह के एल्युमीनियम के दाम 5000 रुपए प्रति टन तक बढ़ा दिए। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट से कहा यह बढ़ोतरी दो अप्रैल से लागू मानी जाएगी। इस समय एल्युमीनियम की कीमत 1.21 लाख रुपए प्रति टन है। उन्होंने कहा कि हमने 5000 रुपए प्रति टन तक की बढ़ोतरी की है। यहऔरऔर भी

कंपनियां भी हमारे-आप जैसे इंसान ही चलाते हैं तो जिस तरह अनागत का भय हमें कभी ज्योतिष तो कभी न्यूमेरोलॉजी के चक्कर में खींच ले जाता है, वैसा बहुत सारी कंपनियों के साथ भी होता है। जैसे, नाम सीधा-सा है एस डी एल्यूमीनियम। इसे पढ़ेंगे और हिंदी में लिखेंगे भी ऐसे, लेकिन अंग्रेजी में इसे कर दिया – Ess Dee Aluminium। खैर, हमें नाम से क्या, हमें तो काम से काम है। एस डी एल्यूमीनियम का शेयरऔरऔर भी

लंदन मेटल एक्सचेंज (एलएमई) एक ऐसे रहस्यमय ट्रेडर का नाम-पता ढूंढने में लगा हुआ है जिसने उसके गोदामों में जमा कुल 3,55,750 मीट्रिक टन तांबे में से कम से कम 1,77,875 मीट्रिक टन माल खरीद लिया है। यह मात्रा एलएमई के गोदामों में रखे कुल तांबे की 50 फीसदी है। वॉल स्ट्रीट जनरल की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह मात्रा इससे अधिक भी हो सकती है। इसकी कुल कीमत लगभग 150 करोड़ डॉलर बताई जा रही है।औरऔर भी