झारखंड सरकार ने टाटा को राज्य में मिली लीज की भूमि पर उचित किराया न देने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की घोषणा की है। बता दें कि जमशेदपुर में टाटा समूह का केंद्र है और यह झारखंड में ही पड़ता है। झारखंड विधानसभा में सोमवार को राजस्व व भूमि सुधार विभाग की अनुदान मांगों पर हुई बहस का जवाब देते हुए राजस्व व भूमि सुधार मंत्री मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि टाटा समूह को राज्यऔरऔर भी

पर्यावरण मंत्रालय की एक समिति ने टाटा स्टील को साफ तौर पर कहा है कि झारखंड के कोयला समृद्ध क्षेत्र में प्रस्तावित उसकी इस्पात संयंत्र परियोजना को तब तक मंजूरी नहीं दी जाएगी जब तक उसे कोयला मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिल जाती। ताप बिजली व कोयला खदान परियोजना के पर्यावरण प्रभाव को परखने के लिए बनी विशेषज्ञ आकलन समिति ने हाल ही में एक बैठक में यह शर्त रखी है कि टाटा समूह की कंपनी कोऔरऔर भी

दुनिया की प्रमुख इस्पात कंपनी आर्सेलर मित्तल ने भारत के लिए नई रणनीति तैयार की है। कंपनी अब भारत में बड़े-बड़े संयंत्र लगाने के बजाय छोटी इकाइयां लगाएगी। शुरुआत में कंपनी का इरादा झारखंड, उड़ीसा और कर्नाटक जैसे राज्यों में छोटी इकाइयां लगाने का है। हालांकि कंपनी ने इसके साथ ही स्पष्ट किया है कि वह संबंधित राज्य सरकारों के साथ हुए करार के तहत इन इस्पात संयंत्रों की क्षमता बाद में बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता पूरीऔरऔर भी