तकरार का तुक!
मैं बड़ा कि तू? तू सही कि मैं? जब घनघोर समस्याएं हर तरफ से दबोचे हुए हों, तब ऐसी तकरार का क्या तुक! ऐसे में मुनासिब यही है कि सारे मतभेदों को भुलाकर समस्या से एक साथ जूझा जाए। अहं का मसला बाद में फिर कभी निपटा लेंगे।और भीऔर भी
मैं बड़ा कि तू? तू सही कि मैं? जब घनघोर समस्याएं हर तरफ से दबोचे हुए हों, तब ऐसी तकरार का क्या तुक! ऐसे में मुनासिब यही है कि सारे मतभेदों को भुलाकर समस्या से एक साथ जूझा जाए। अहं का मसला बाद में फिर कभी निपटा लेंगे।और भीऔर भी
अपने-आप में तो हर कोई पूर्ण है। जानवर भी पूर्ण, इंसान भी पूर्ण। ओस की बूंद तक एकदम गोल। प्रकृति ने संतुलन का नियम ही ऐसा चला रखा है। पर बाहर से देखो तो सब कुछ अपूर्ण। गुमान तोड़कर देखने पर ही यह अपूर्णता नज़र आती है।और भीऔर भी
चीजें अपने-आप में बड़ी सरल होती हैं। नियमबद्ध तरीके से चलती हैं। बड़ी क्रमबद्धता होती है उनमें। लेकिन हमारी सोच और अहंकार के चलते वे उलझी हुई नज़र आती हैं। सही नज़रिया मिलते ही सारा उलझाव मिट जाता है।और भीऔर भी
लोगों को आपसे नहीं, आपको लोगों से जुड़ना है। जोड़ और प्रेम में अहंकार नहीं चलता। आप होश में हो, लोग नशे में हैं तो उनको खींचकर सही मुकाम, सही राह पर लाने का जिम्मा तो आपका ही हुआ न!और भीऔर भी
एक हम ही तुर्रमखां नहीं हैं यह काम करनेवाले। दूसरे भी बहुत-से हैं जो इसी वक्त यह काम बड़ी शिद्दत से कर रहे होंगे। यह सोच एक तो हमारा गुमान तोड़ती है। दूसरे अकेलेपन की घबराहट भी मिटा देती है।और भीऔर भी
समय के साथ होड़ लेने का दावा करना शुद्ध दंभ के सिवा कुछ नहीं। समय के साथ हम संगत बैठा लें, यही काफी है। यह भी हर किसी के बूते में नहीं। बिरले ही इसे हासिल कर पाते हैं, भारी साधना के बाद।और भीऔर भी
जब चील गुरुत्वाकर्षण को तोड़ दूर गगन से धरती का निरीक्षण कर सकती है, इंसान जब हज़ारों मील ऊपर जहाज उड़ा सकता है, तब हम अपने अहम व पूर्वाग्रहों से मुक्त होकर सच को क्यों नहीं देख सकते।और भीऔर भी
ज्ञान अगर कर्म की सेवा न करे तो वह अपने अहम को संतुष्ट करने का साधन बनकर रह जाता है। दरअसल हर शिक्षा, विद्या या ज्ञान का काम यही है कि वह हमारे कर्मजगत की राहों को साफ-सुथरा बना दे।और भीऔर भी
किसी मूर्ख को आसानी से खुश किया जा सकता है। बुद्धिमान को खुश करना और भी आसान है। लेकिन अपने ‘ज्ञान’ पर मुग्ध लोगों को ब्रह्मा भी खुश नहीं कर सकते। इसलिए इनके मुंह नहीं लगना चाहिए।और भीऔर भी
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