अमेरिका में ऋण-सीमा बढ़ाने का मुद्दा अब इतिहास बन चुका है। मूडीज ने बिना रेटिंग बदले अमेरिका को डाउनग्रेड कर दिया है। नतीजतन अमेरिकी बाजार कल धड़ाम हो गए। यह सब तो निपट गया। अब आगे क्या? अब आप अमेरिकी बाजार को लेकर क्या बहस करेंगे? क्या आप अब भी भारत में बेचते रहेंगे क्योंकि कौन जानता है कि अमेरिका का अगला डाउनग्रेड तीन महीने बाद ही हो जाए? ध्यान रखें कि अमेरिकी बाजार में भरपूर लोचऔरऔर भी

बाजार में पहले से छाए पस्ती के आलम को और हवा तब मिल गई, जब अमेरिकी ऋण संकट के समाधान के बावजूद एशिया के बाजार गिर गए। मंदड़ियों का खेमा मान बैठा है कि अमेरिका में हुआ राजनीतिक समझौता तात्कालिक समाधान है। इसलिए इस पर चहकने की कोई जरूरत नहीं है। बाजार फिर से 5500 के नीचे चला गया तो उन्होंने फिर से बिक्री का बटन दबा दिया है। फिर वही बात उठा ली है कि अबऔरऔर भी

ऋण के बोझ और तरलता के संकट से जूझ रहे यूरो ज़ोन के देशों को उबारने के लिए यूरोपीय संघ 700 अरब यूरो का स्थाई वित्तीय सुरक्षा पैकेज देने को राजी हो गया है। माना जा रहा है कि ऋण संकट के चलते इन देशों पर मंडराते राजनीतिक अस्थायित्व के बादल छंट जाएंगे। नया राहत कोष, यूरोपीय स्थिरता प्रणाली (ईएसएम) 440 अरब यूरो के वर्तमान अस्थाई वित्तीय कवच, यूरोपीय वित्तीय स्थिरता कोष (ईएफएसएफ) की जगह ले लेगा।औरऔर भी

बाजार में सुबह से चर्चा थी कि निफ्टी आज गिरकर 5290 तक चला जाएगा और अगले कुछ दिनों में यह 4800 पर होगा। इसकी वजह यूरोप में ऋण संकट के उभार, ब्याज दरों में वृद्धि, डीजल के दाम बढ़ने के अंदेशे और विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बांड (एफसीसीबी) की चिंता को बताया जा रहा है। लेकिन शाम होते-होते ये सारे कयास गलत साबित हुए। निफ्टी नीचे में 5367.45 तक ही गया। लेकिन फिर 5422.60 तक बढ़ने के बादऔरऔर भी

आज को मिलाकर रोलओवर के लिए चार दिन बचे हैं। जैसी कि उम्मीद थी, डिवीज लैब (बीएसई – 532488) ने चौथी तिमाही के अच्छे नतीजे पेश किए और उसका शेयर टेक्निकल एनालिस्टों द्वारा बताई गई 735 रुपए की बाधा को पार कर गया है। बल्कि दिन में यह 752.20 रुपए तक गया है जो पिछले एक माह का सर्वोच्च स्तर है। हमने एक बार फिर खुद को बाजार से आगे साबित किया है और अब डिवीज लैबऔरऔर भी

चुनाव गरज-बरस कर चले गए। कंपनियों के नतीजों का मौसम भी बीत चला। अब सारे बाजार की निगाहें मानसून की घटाओं पर लग गई हैं। मौसम विभाग की मानें तो दक्षिणी-पश्चिमी मानसून 31 मई को केरल के तट पर समय से एक दिन पहले दस्तक दे देगा। अभी तक का अनुमान यही है कि मानसून अच्छा रहेगा। मानसून के अच्छे रहने से कृषि उत्पादन अच्छा रहेगा। इससे सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के विकास को मदद मिलेगी। लेकिनऔरऔर भी

कर्ज में डूबी आयरलैंड सरकार ने यूरोपीय संघ द्वारा हाल में गठित विशेष संकट कोष से मदद की पेशकश को दूसरी बार ठुकरा दिया है जिससे यूरो मुद्रा वाले देशों के सामने फिर ऋण संकट खड़ा हो सकता है। उल्लेखनीय है कि अभी छह माह पहले ही यूरो क्षेत्र का देश पुतर्गाल (यूनान) दिवालिएपन की स्थिति में पहुंच गया था। उसके बाद यूरोपीय संघ ने ऐसी स्थिति में सदस्य देशों की मदद के लिए 750 अरब यूरोऔरऔर भी