भारत का बीमा बाजार पिछले दस सालों के काफी तेजी से बढ़ा है और अब यह दुनिया में 11वे नंबर पर आ गया है। लेकिन चीन इससे पांच स्थान ऊपर छठे नंबर पर है। यह बात अंतरराष्ट्रीय कंपनी स्विस रे की ताजा रिपोर्ट से सामने आई है। एक हफ्ते पहले 6 जुलाई को जारी इस रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, जर्मनी व फ्रांस इसी क्रम में दुनिया के सबसे बड़े पांच बीमा बाजार बने हुए हैं।औरऔर भी

वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन (डब्ल्यूएसए) के मुताबिक दुनिया के सबसे बड़े स्टील उत्पादक देशों में भारत को पीछे छोड़कर अमेरिका तीसरे नंबर पर आ गया है। साल 2010 की स्थिति के मुताबिक भारत 683 लाख टन की क्षमता के साथ दुनिया का चौथा सबसे बड़ा स्टील उत्पादक देश है, जबकि अमेरिका का स्टील उत्पादन इससे ज्यादा 805 लाख टन रहा है। रूस 669 लाख टन के साथ दुनिया का पांचवां बड़ा स्टील उत्पादक है। 2009 तक अमेरिका भारतऔरऔर भी

चीन में 50 अरब अमेरिकी डॉलर के दवा बाजार को विदेशी कंपनियों के लिए खोले जाने की तैयारी के बीच भारत ने घरेलू कंपनियों की वकालत करते हुए कहा कि वे पड़ोसी देश को सस्ती दर पर जीवन रक्षक दवा उपलब्ध कराने में सक्षम हैं। चीन में भारतीय दूतावास में व्यापार और वाणिज्य दूत के नागराज नायडू ने कहा, ‘‘चीन का दवा बाजार तेजी से बढ़ रहा है और इसका आकार 50 अरब डॉलर के करीब है।’’औरऔर भी

मुद्रास्फीति में तेजी को लेकर चिंता के बीच एक रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि खाद्य वस्तुओं की ऊंची कीमतों से वास्तव में भारत, चीन व थाईलैंड जैसे खाद्य निर्यातक एशियाई देशों को राष्ट्रीय आय बढ़ाने में मदद मिलती है। सिंगापुर के अग्रणी बैंक डीबीएस की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘खाद्य वस्तुओं की ऊंची कीमतों से हर किसी को नुकसान नहीं पहुंचता, बल्कि कुछ को लाभ होता है। एशिया में थाईलैंड, भारत और चीन खाद्य वस्तुओं केऔरऔर भी

नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अमर्त्य सेन ने गंभीर आर्थिक संकट के दौर गुजर रहे पश्चिमी देशों को तेज आर्थिक वृद्धि के दौर से गुजर रहे भारत और चीन से सीख लेने की सलाह दी है। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के सेड बिजनेस स्कूल में संजय लाल विजटिग प्रोफेसरशिप ऑफ बिजनेस एंड डेवलपमेंट की शुरूआत करते हुए सेन ने एक पैनल चर्चा में कहा कि विकासशील देश पश्चिम में अर्थव्यवस्था को लेकर चल रही चर्चा में ‘स्तरीय विचार’ दे सकतेऔरऔर भी

देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी इनफोसिस टेक्नोलॉजीज का शेयर 15 अप्रैल को सालाना नतीजों की घोषणा के बाद से लगातार गिरते-गिरते 2850 रुपए पर आ चुका है। लेकिन बाजार के रुझान और मूड को देखें तो अब इसमें ज्यादा गिरने की गुंजाइश नहीं है। यह इसे खरीदने का अच्छा मौका है। इस बीच कंपनी ने बताया है कि वह चीन के शांघाई शहर में 12.5 से 15 करोड़ डॉलर के निवेश से एक नयाऔरऔर भी

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) में नया प्रबंध निदेशक चुनने की तैयारियां तेज हो गई हैं। पहली बार ऐसा लग रहा है कि परंपरा तोड़ते हुए आईएमएफ का नया मुखिया उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों से होगा और इस दौड़ में योजना आयोग के मोंटेक सिंह आहलूवालिया का नाम सबसे आगे है। अभी तक आईएमएफ के प्रमुख के पद पर यूरोपीय लोग ही रहे हैं। लेकिन गुरुवार को चीन, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड ने साफ कह दिया कि डोमिनिक स्ट्रॉसऔरऔर भी

भारत अपनी नौसेना की ताकत में इजाफा करने के मकसद से अगले बीस सालों में 101 नए युद्धपोतों पर कुल 46.96 अरब डॉलर का निवेश करेगा। एक विशेषज्ञ ने सिंगापुर में यह दावा किया है। अमेरिका स्थित संस्था ‘एएमआई इंटरनेशनल’ के उपाध्यक्ष और नौसेना विशेषज्ञ बॉब नुगेंट ने कहा, ‘‘इतने बड़े पैमाने पर निवेश को देखते हुए भारत परिष्कृत विध्वंसक, नयी पीढ़ी और नये रेडार से युक्त पोत, परमाणु पनडुब्बियां और तेज गति वाले पोत चाहेगा।’’ नुगेंटऔरऔर भी

बाजार का जो भी खेल है, यहां अपग्रेड और डाउनग्रेड गलत वक्त पर होते हैं। हमने एसकेएस माइक्रो फाइनेंस को 800 रुपए पर डाउगग्रेड किया था और अब देखिए उसका हश्र क्या है। हमने एसबीआई को 3500 रुपए पर डाउनग्रेड किया था, बाजार अब कर रहा है। हमने मुथूत फाइनेंस के बारे में नकारात्मक राय रखी और लिस्टिंग पर उसका हाल-बेहाल सामने आ गया. है। हमें यकीन है कि यह स्टॉक घटकर 123 रुपए तक आ जाएगाऔरऔर भी

अपैल खत्म, मई आ गया। अप्रैल में तो शेयर बाजार कंपनियों के नतीजों के हिसाब से डोलता रहा। जिन कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर नतीजे घोषित किए, उनके शेयर ठीकठाक चले, जबकि जो कंपनियां बाजार की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं, उनके शेयरों को तोड़ दिया गया। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, इनफोसिस व सेल जैसी कंपनियां शामिल हैं। ऐसा होना एकदम स्वाभाविक था। इसलिए इसमें किसी अचंभे की बात नहीं है। वैसे, अभी अगले दो हफ्ते तक मिडऔरऔर भी