इतने हथियार खरीदकर किस युद्ध की तैयारी! सेना पैदल, मस्ती दलालों की
देश की रक्षा कौन करेगा? हम करेंगे, हम करेंगे, हम करेंगे! गांवो, कस्बों और शहरों के हिंदी माध्यम स्कूलों में बच्चे यह नारा लगाकर ही बड़े होते हैं। कहीं और नौकरी नहीं मिली और सेना में भर्ती हो गए तो सीमा पर हंसते-हंसते शहीद हो जाते हैं। मां-बाप, बीवी-बच्चे बिखर जाते हैं, बिलखते जरूर हैं। पर घर-परिवार, नाते-रिश्तेदार उन पर गर्व करते हैं। इलाके में उनके नाम पर सड़क और विद्यालय बन जाते हैं। लेकिन भावना सेऔरऔर भी
टाटा के वारिस की कंपनी ने खिलाए थे 75 करोड़!
टाटा समूह बराबर खुद के पाकसाफ होने का दावा करता रहता है। खासकर, उसके मौजूदा चेयरमैन रतन टाटा रिश्वत के नाम से ही बिदकने का अंदाज दिखाते रहे हैं। लेकिन इसी साल दिसंबर से उनकी जगह समूह की बागडोर संभालने वाले सायरस मिस्त्री की मूल कंपनी शापूरजी पल्लोनजी ने महाराष्ट्र हाउसिंग बोर्ड, म्हाडा के एक अधिकारी को करोड़ों की रिश्वत दी थी। यह खुलासा खुद महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर आर पाटिल ने गुरुवार को राज्य विधानसभाऔरऔर भी
तंत्र का नाश
जहां कुछ करने के लिए कुछ न करनेवालों की मंजूरी लेनी पड़े, जहां बिचौलियों की मौज और रिश्वत का बोलबोला हो, जहां कानून भी उन्हें ही बचाता हो, वैसे तंत्र का नाश आज नहीं तो कल अवश्यसंभावी है।और भीऔर भी
अब लंदन में घूस नहीं दे पाएंगी भारतीय कंपनियां
ब्रिटेन में मौजूदगी रखने वाली भारतीय कंपनियां और भारत में मौजूद ब्रिटिश कंपनियां एक सख्त ब्रिटिश कानून के दायरे में आ गई हैं। यह कानून घूसखोरी को रोकने के लिए बनाया गया है। ब्रिटेन का घूसखोरी अधिनियम-2010 शुक्रवार, 1 जुलाई से प्रभाव में आ गया। इस कानून के तहत घूसखोरी अथवा भ्रष्टाचार में लिप्त पाए लोगों को 10 साल तक की जेल हो सकती है और उनके खिलाफ असीमित जुर्माना लगाया जा सकता है। दोषी पाई गईऔरऔर भी
लोकपाल कि द्वारपाल!
।।भरत गांधी।। जन लोकपाल यदि वास्तव में जनता का हो तो इसके फायदे सन्देह से परे हैं। लेकिन जन लोकपालवादियों ने अब तक इस पद पर नियुक्ति के जो प्रस्ताव दिए हैं, उसमें यह खतरा है कि प्रस्तावित जन लोकपाल बहुसंख्यक ‘गरीब जन’ द्वारा नियुक्ति नहीं किया जाएगा, अल्पसंख्यक ‘अमीर जन’ द्वारा नियुक्त होगा और अमीर जन की ओर से सरकार, संसद और न्यायपालिका पर शासन करेगा। भ्रष्टाचार में शामिल भारत के किसी भी बडे उद्योगपति कोऔरऔर भी
सांसदों को घूस देने का आरोप सरकार की फांस, न पुष्टि की, न ही खंडन
मंगलवार से द हिंदू अखबार में विकीलीक्स के सहयोग से किए जा रहा खुलासा आज, गुरुवार को संसद में हंगामे का सबब बन गया। हिंदू की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2008 में यूपीए की पिछली सरकार को बचाने और विश्वास मत हासिल करने के लिए सांसदों 50 से 60 करोड़ रुपए दिए गए थे। इस मसले पर विपक्ष ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग को लेकर लोकसभा में भारी हंगामा किया। संसद मेंऔरऔर भी
यही तो 6 और 9 का फर्क है बंधुवर!
हां, यह सच है कि नए साल के बजट में आम शहरी के लिए कुछ नहीं है क्योंकि साल भर में बचाया गया 2060 रुपए का टैक्स किसी अच्छे रेस्तरां में परिवार के लिए एक समय के भोजने के लिए भी पूरा नहीं पड़ेगा। यह निवेशकों के लिए भी अच्छा बजट नहीं है। इसलिए अगर बाजार विश्लेषक कह रहे हैं कि वित्त मंत्री अच्छा मौका चूक गए तो यह एक तरीके से सही है। लेकिन शायद आपनेऔरऔर भी
केतन पारेख का धंधा चालू है! तो?
सेंचुरी टेक्सटाइल्स के 400 से बढ़कर 455 रुपए और एचडीआईएल के 164 से बढ़कर 200 रुपए तक पहुंचने ने साफ-साफ रीयल्टी सेक्टर में छिपी संभावनाओं की झलक दिखा दी है। यह बात आप खुली आंखों से देख सकते हैं। लेकिन भविष्य के गर्भ में छिपी लंबी कहानी आपको दिमाग लगाकर पढ़नी होगी। निफ्टी 5750 से पलटकर 5960 तक आ चुका है। बहुत से लोग अब भी कह रहे हैं कि यह तात्कालिक राहत की रैली है। लेकिनऔरऔर भी
10 घंटे नहीं, 10 साल का नजरिया
मैं दस साल के नजरिए से अर्थव्यवस्था और बाजार व कॉरपोरेट क्षेत्र की स्थिति को देखता हूं। इसलिए महसूस कर सकता हूं कि क्या हो रहा है। लेकिन निवेशक तो दस घंटे की बात भी नहीं देख पाते। इसलिए बाजार के खिलाड़ियों के हाथ में अपनी गरदन पकड़ा देते हैं। मैं भी एचएनआई (हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल) निवेशकों को उनका पोर्टफोलियो बनाने-संभालने की सलाह देता हूं। लेकिन उन्हें नुकसान नहीं हुआ क्योंकि वे कभी भी कर्ज लेकर बाजारऔरऔर भी


