रिजर्व बैंक के गर्वनर डॉ. दुव्वरी सुब्बाराव के मुताबिक हाल में हाउसिंग लोन घोटाले में रिश्वत लेकर जो भी ऋण दिए गए हैं, उनमें से सभी में स्थापित नियमों का पालन किया गया है। उन्होंने गुरुवार को कोलकाता में रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि इस सिलसिले में 14 ऋण खातों की जांच की गई है और इनमें से 13 खाते एकदम दुरुस्त तरीके से काम कर रहेऔरऔर भी

भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, यस बैंक, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक के खाताधारक मोबाइल फोन के जरिए एक-दूसरे के खाते में रकम भेज सकते हैं। इन सात बैंकों को यह इंटरबैंक मोबाइल पेमेंट सर्विस (आईएमपीएस) नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) उपलब्ध करा रहा है। 31 मार्च 2011 तक वह बैंकों से इसके लिए कोई शुल्क नहीं लेगा। लेकिन उसके बाद हर ट्रांजैक्शन पर वह 25 पैसे लेगा। बैंकऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों, वित्तीय संस्थाओं और बीमा कंपनियों को हिदायत दी है कि वे उन तमाम कंपनियों से जुड़े लेन-देन की कायदे से जांच करें जिनके नाम सीबीआई ने हाउसिंग लोन घोटाले के सिलसिले में अदालत में दाखिल अर्जी में लिखे हैं। उन्होंने इन सभी संस्थाओं से कहा कि वे नामजद कंपनियों को दिए गए ऋणों का स्वतंत्र आकलन करें और देखें कि इनमें निर्धारित मानकों का पालन कहां तकऔरऔर भी

जो बात अभी तक शेयर बाजार से ताल्लुक रखनेवाला हर कोई शख्स दबी जुबान से कहता रहा है, वह अब भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गर्वनर डॉ. वाई वी रेड्डी की जुबान पर आ गई है। उनका कहना है कि शेयर बाजार में कॉरपोरेट क्षेत्र, म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों और गैर-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (एनबीएफसी) के बीच जिस तरह के रिश्ते हैं, वैसे में ये बाजार के साथ खेल करते होंगे, इससे इनकार नहीं किया जा सकता। कमऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने पिछले हफ्ते चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ) के तहत बैंकों को शाम को धन उपलब्ध कराने की खिड़की बंद कर दी थी। लेकिन इस हफ्ते के पहले दो दिनों में बैंकों ने जिस तरह एलएएफ के तहत भारी रकम उठाई, उसे देखते हुए रिजर्व बैंक ने यह विशेष सुविधा दोबारा शुरू करने का फैसला किया है। अब 16 दिसंबर तक बैंक हर कामकाजी दिन में शाम 4.15 बजे रिजर्व बैंक से रेपो दर पर सरकारीऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने बैंकों के होमलोन धंधे और बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों पर लगाम लगाने के नए कदम उठाए हैं। मंगलवार को पेश मौद्रिक नीति की दूसरी त्रैमासिक समीक्षा में उसने बैंकों को टीजर होमलोन देने से हतोत्साहित करने की भी कोशिश की है। इन कदमों का मसकद यही है कि कहीं बैंकों का उतावलापन भविष्य में उनकी परेशानी का सबब न बन जाए। सबसे पहले तो उसने तय कर दिया है कि कोई भी बैंक मकान कीऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया है जिसमें बैंकों को एक-दूसरे के बीच गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) सहित ऋण के टांसफर पर रोक लगाई गई थी। मुख्य न्यायाधीश एस एच कपाड़िया की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि बैंकों के बीच ऋण का स्थानांतरण कानूनी रूप से उचित है और बैंकिंग सेवा नियमन कानून में इसकी अनुमति है। पीठ ने कहा, ‘‘बैंकिंग नियमन कानून में इस पर रोक नहीं है। हमऔरऔर भी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी को निर्देश दिया कि वह 30 सितंबर तक एमसीएक्स-एसएक्स को इक्विटी ट्रेडिंग की इजाजत देने के बारे में दो टूक फैसला करे। साफ-साफ बताए कि वह इसकी इजाजत दे रही है या नहीं और नहीं तो क्यों। साथ ही कोर्ट ने एमसीएक्स-एसएक्स को भी निर्देश दिया कि वह दस दिन के भीतर अपने बोर्ड में प्रस्ताव पास करे कि एक्सचेंज में प्रवर्तकों की शेयरधारिता 5 फीसदी कीऔरऔर भी

सरकार ने किसानों को रियायती ब्याज दर पर ऋण मुहैया कराने के लिए अपने खजाने से 4868 करोड़ रुपए निकालने का निर्णय लिया है। यह रकम सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और को-ऑपरेटिव बैंकों के साथ-साथ नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक) को भी दी जाएगी। नाबार्ड क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और को-ऑपरेटिव बैंकों को रीफाइनेंस करता है। यह निर्णय शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। मंत्रिमंडल के इस फैसले से यहऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों और गैर-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों को हिदायत दी है कि वे क्रेडिट कार्ड के कामकाज के बारे में बिना किसी लाग-लपेट के तय दिशानिर्देशों का पालन करें, नहीं तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना लगाना भी शामिल है। रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को बाकायदा एक अधिसूचना जारी कर यह निर्देश दिया है। असल में इधर रिजर्व बैंक से लेकर बैंकिंग ओम्बड्समैन के कार्यालयों को क्रेडिट कार्डधारकों से बराबर शिकायतें मिलऔरऔर भी