19वीं सदी में जॉर्ज ईस्टमैन द्वारा बनाई और दुनिया भर में कैमरों के लिए मशहूर अमेरिकी कंपनी कोडक अपनी अंतिम सांसें गिन रही है। उसने अमेरिकी प्रशासन से खुद को दीवालिया घोषित किए जाने की फरियाद की है। वैसे, कोडक की भारतीय शाखा कोडक इंडिया ने कहा है कि मूल कंपनी की दीवालियेपन की अपील से उसके कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अगर अमेरिकी कंपनी की फरियाद मान ली गई तो उसे लेनदारों का बकाया चुकानेऔरऔर भी

निफ्टी के 4000 तक पहुंच जाने के अंतहीन अनुमान और भारत के अंतहीन डाउनग्रेड का सिलसिला पूरा घूम चुका है। हालांकि सेंसेक्स कंपनियों के निचले लाभार्जन का अनुमान इस सूचकांक को 11,600 पर पहुंचा देता है। मतलब यह कि सेंसेक्स अगर 11,000 पर पहुंचता है तो बाजार को 9.48 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड होना पड़ेगा। लेकिन ऐसी नौबत तो 1991 में भी नहीं आई थी, जब भारत दीवालियेपन की कगार तक पहुंच गया था। पिछले 15औरऔर भी