राजीव गांधी के नाम पर सीधे शेयरों में 50,000 रुपए लगाओ। तीन साल तक उसे हाथ न लगाओ और इस निवेश का 50 फीसदी हिस्सा आयकर में रियायत पाओ। जी हां, वित्त मंत्री ने नए साल के बजट में रिटेल निवेशकों को शेयर बाजार में खींचने के लिए पहली बार राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम शुरू की है। इसका पूरा ब्योरा तो बाद में अलग से जारी किया जाएगा। लेकिन वित्त मंत्री के प्रस्ताव के मुताबिक, जिनऔरऔर भी

सेंसेक्स आज एक ही झटके में 540 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, जबकि पिछले हफ्ते वह 600 अंकों का धक्का पहले ही सह चुका था। निफ्टी भी 160 से ज्यादा अंक गिरकर 5268.15 तक पहुंच गया। व्यवस्थागत खामी के आई इस जबरदस्त गिरावट ने ट्रेडरों की हालत खराब कर दी है। इसने निस्संदेह रूप से साबित कर दिया है कि बाजार को फंडामेंटल्स के विरुद्ध जाकर जबरदस्ती चढ़ाया गया था और अब नीचे लाया जाऔरऔर भी

शेयर बाजार पिछले तीन दिनों से भले ही गिरावट का शिकार हो, लेकिन प्राइमरी बाजार ने इन्हीं तीन दिनों में अपनी ताकत दिखा दी है। एमसीएक्स के जिस आईपीओ (शुरुआती पब्लिक ऑफर) को अधिकतम 663.30 करोड़ रुपए जुटाने थे, उसे असल में 35,805 करोड़ रुपए मिल चुके हैं। बीएसई व एनएसई के सम्मिलित आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार को इश्यू बंद होने पर शाम छह बजे तक देश के इस सबसे कमोडिटी एक्सचेंज का आईपीओ 53.98 गुना सब्सक्राइबऔरऔर भी

बाजार के उस्तादों को जो चाहिए था, आखिरकार उन्हें मिल गया। किसी को बिना कोई चेतावनी दिए, बिना कोई मौका दिए बाजार 600 अंक गिर चुका है जो अपने-आप में अच्छा करेक्शन है। मेरे बहुत-से दोस्त भ्रमित हो गए हैं और बेचनेवालों के खेमे में चले गए। लेकिन मैं अब भी लांग करनेवालों के खेमे में हूं। मेरा मानना है कि बाजार का रुझान तभी पटलेगा जब निफ्टी 5274 के नीचे पहुंच जाएगा। इसलिए तब तक होऔरऔर भी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) के आईपीओ को मिली कामयाबी ने देश के प्राइमरी बाजार में जान आने के पुख्ता संकेत दे दिए है। एमसीएक्स का आईपीओ खुलने के दूसरे ही दिन बुधवार को शाम तक 4.48 गुना सब्सक्राइब हो गया। एनएसई व बीएसई के सम्मिलित आंकड़ों के मुताबिक क्यूआईबी या संस्थागत खरीदारों का हिस्सा अब तक 3.68 गुना और गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईबी) का हिस्सा 1.88 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। आम निवेशकों के बीच इस इश्यू कीऔरऔर भी

महज 300 अंकों की मोटामोटी गिरावट ने ट्रेडरों की पैंट ढीली कर दी क्योंकि उन्हें ऑपरेटरों की पकड़वाले चंचल स्टॉक्स में अंदाज़ से कहीं ज्यादा मार्क टू मार्केट ढीला करना पड़ा। ऐसा होना ही था। ट्रेडर अब बैलेंसशीट के लिहाज से वापस निफ्टी के 5000 या 4700 वाले स्तर पर जा पहुंचे हैं। ऐसा एकदम योजनाबद्ध तरीके से किया गया है। हम इस दौरान बराबर चौकन्ने रहे क्योंकि 5400 के ऊपर की रैली पूरी तरह जोड़तोड़ काऔरऔर भी

एमसीएक्स के आईपीओ को रिटेल निवेशकों की तरफ से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। बुधवार को इश्यू खुलने के पहले ही दिन आईपीओ में रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित 35 फीसदी हिस्सा डेढ़ गुना सब्सक्राइब हो गया। रिटेल निवेशकों के लिए आईपीओ में कुल 21,62,082 शेयर रखे गए हैं, जबकि शाम पांच बजे तक उनकी तरफ से 32,38,962 शेयरों की बोलियां आ गईं। एनएसई की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक एमसीएक्स के आईपीओ में पहलेऔरऔर भी

आज नहीं तो कल इसे होना ही था और आज यह हो गया। 1.33 बजे तक निफ्टी कल से महज दो अंक नीचे था। लेकिन फिर अगले दो घंटे में 102 अंक टूट गया। 40 फीसदी रोलओवर हुए और ऑपरेटरों ने बाजार पर जमकर चोट की। निफ्टी अंत में 1.82 फीसदी की भारी गिरावट के साथ 5505.35 पर बंद हुआ। कल खत्म हो रहे सेटलमेंट के निफ्टी फ्यूचर्स का आखिरी भाव भी इसी के आसपास 5518.10 रहा।औरऔर भी

एक और दिन गुजर गया और बाजार के तमाम लोग जिस करेक्शन या गिरावट का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, वह आज भी नहीं हुआ। हमें उम्मीद थी कि निफ्टी 5610 तक जाएगा। लेकिन वह तो दोपहर 2.40 बजे के आसपास 5621.50 तक पहुंच गया और आखिर में 0.77 फीसदी की बढ़त के साथ 5607.15 पर बंद हुआ। निफ्टी फरवरी फ्यूचर्स 5634.70 तक जाने के बाद 5620.20 पर पहुंच गया। मैंने जैसा आपको पहले बताया था,औरऔर भी

सोमवार को महाशिवरात्रि की छुट्टी। बाजार मंगलवार को खुलेगा। डेरिवेटिव सौदों का सेटलमेंट इसके दो दिन बाद गुरुवार 23 फरवरी को पूरा होगा। इस तरह रोलओवर के लिए मंगलवार को मिलाकर तीन दिन ही बचे हैं। सिद्धांत कहता है कि बीते हफ्ते जिस तरह बाजार 3 फीसदी बढ़ा है, उसमें अब करेक्शन आना चाहिए। लेकिन भारतीय बाजार का व्यवहार कहता है कि गुरुवार तक ऐसा होने के आसार नहीं है। कुछ जानकारों का कहना है कि शुक्रवारऔरऔर भी