ल्यूपिन लिमिटेड नाम से कुछ भी लगे। लेकिन है यह खांटी देसी कंपनी। केमिस्ट्री में एमएससी करनेवाले देशबंधु गुप्ता ने 1968 में इसकी स्थापना की। बताते हैं कि गुप्ता जी शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय पेटेंट के जमाने में जाली दवाएं बनाकर बेचते थे। लेकिन 1970 में भारतीय पेटेंट एक्ट आ गया। फिर गुप्ता जी को वाल्मीकि के अंदाज में समझ में आ गया है कि गलत धंधा करने में फायदा नहीं और वे कुशल सारथी व उद्यमी कीऔरऔर भी

ग्लोडाइन टेक्नोसर्व आईटी सेवाओं में सक्रिय मुंबई की कंपनी है। आनंद सरनायक इसके संस्थापक प्रवर्तक और सीएमडी हैं। सरनायक 1997 में यह कंपनी बनाने से पहले एचसीएल-एचपी में काम करते थे। कंपनी की दो खास सेवाएं हैं टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट सर्विसेज (आईएमएस) और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर सर्विसेज। आप कहेंगे कि इससे हमको क्या लेना-देना। तो बात यह है कि ठीकठाक धंधा कर रही इस कंपनी का शेयर कल 18 जुलाई 2011 को अपने न्यूनतम स्तर 298 रुपए तकऔरऔर भी

एक तरफ रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के शेयरों में गिरावट के दौर में एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशकों) और घरेलू निवेशक संस्थाओं (डीआईआई) ने अप्रैल से जून 2011 के बीच कंपनी में अपना निवेश घटा दिया है, वहीं एलआईसी और फ्रैंकलिन टेम्प्लेटन इनवेस्टमेंट फंड ने धारा के खिलाफ चलते हुए कंपनी में अपना निवेश बढ़ा दिया है। साथ ही इस दौरान कंपनी के साथ करीब 17,000 नए रिटेल निवेशक जुड़ गए हैं। मुकेश अंबानी के मालिकाने और बाजार पूंजीकरणऔरऔर भी

इंदौर से संचालित होनेवाला मध्य प्रदेश स्टॉक एक्सचेंज (एमपीएसई) करीब एक दशक के अंतराल के बाद 23 जुलाई से दोबारा अपनी कारोबारी गतिविधियां शुरू करने जा रहा है। एक्सचेंज के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। एमपीसीई के निदेशक (ऑपरेशन) आशीष गोयल ने एक समाचार एजेंसी को बताया कि एमपीएसई के सदस्य 23 जुलाई से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के प्लेटफॉर्म पर अपने नाम से कारोबार कर सकेंगे। उन्होंने बतायाऔरऔर भी

अगर हम किसी चीज को नहीं जानते तो यह हमारी अपनी सीमा है। लेकिन हर चीज को कोई न कोई तो जानता ही है और इनमें से हर अच्छी चीज वाजिब भाव भी मिलता है। कंपनियां हमारी आंखों से ओछल रहकर काम करती रहती हैं। हम अनजान रहने के कारण उनकी विकास यात्रा का फल नहीं चख पाते। लेकिन हमारे जानने या न जानने से उनकी विकास यात्रा पर कोई फर्क नहीं पड़ता। वह यात्रा सतत जारीऔरऔर भी

शुक्रवार की सुबह-सुबह देश के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज, बीएसई में कमाल हो गया। टीसीएस का शेयर गुरुवार के बंद भाव 1125.25 रुपए से एकबारगी 20 फीसदी बढ़कर 52 हफ्ते के शिखर 1350.20 रुपए पर जा पहुंचा। फिर अचानक 20 फीसदी का गोता लगाकर 900.25 रुपए पर चला गया। इसी तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) एकबारगी 20 फीसदी गिरकर 693.55 रुपए पर पहुंच गया, जो 52 हफ्ते का उसका न्यूनतम स्तर है। फिर पलक झपकते ही 20 फीसदीऔरऔर भी

यूनिटी इंफ्राप्रोजेक्ट्स का शेयर एक साल एक दिन पहले 16 जुलाई 2010 को 123 रुपए की चोटी पर बैठा हुआ था। एक दिन पहले कल 62.90 रुपए पर था। वो भी 22 मार्च 2011 को 52.60 रुपए तक की खाईं में गिर जाने के बाद। बीएसई सेंसेक्स इसी दौरान 17955.82 से 3.69 फीसदी बढ़कर 18,618.20 पर पहुंच गया, जबकि यह 48.86 फीसदी गिर चुका है। इसीलिए सेंसेक्स को देखकर पूरे बाजार का हाल नहीं जाना जा सकता।औरऔर भी

देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंरनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने उम्मीद से बेहतर नतीजे घोषित किए हैं। चालू वित्त वर्ष में जून 2011 की पहली तिमाही में उसने समेकित या कंसोलिडेटेड आधार पर 2414.76 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हासिल किया है। यह साल भर पहले जून 2010 की तिमाही के शुद्ध लाभ 1906.07 करोड़ रुपए से 26.69 फीसदी ज्यादा है। इस दौरान कंपनी की आय 8217.28 करोड़ रुपए से 31.39 फीसदी बढ़कर 10797.02 करोड़ रुपएऔरऔर भी

21 की मौत, 150 से ज्यादा घायल। आज इनसे जुड़े हजार-दो हजार लोगों की ज़िंदगी यकीनन ठहर गई होगी। लेकिन मुंबई के बाकी करीब 205 लाख लोंगों की ज़िंदगी की जंग चलती रहेगी। आतंकवाद की यही सीमा है। यह हमारे जीवन में इतना खलल भी इसीलिए डाल पाता है क्योंकि इसके पीछे खास किस्म की राजनीति काम करती है। इसे सिर्फ खुफिया व सुरक्षा तंत्र की कमजोरी मानना गलत होगा। खैर, इस तरह के पत्थर फेंकने सेऔरऔर भी

इनफोसिस को भाईलोग धुने पड़े हैं। मौका मिला नहीं कि पीट डाला। पिछले महीने 20 जून 2011 को 2660.55 रुपए पर इसने 52 हफ्ते की तलहटी पकड़ी थी। कल नतीजों की घोषणा के बाद इसका पांच रुपए अंकित मूल्य का शेयर बीएसई (कोड – 500209) में 4.27% गिरकर 2794.25 रुपए पर और एनएसई (कोड – INFY) में 4.44% गिरकर 2791.55 रुपए पर बंद हुआ है। लगता है अभी और गिरेगा। [आगे बढ़ूं, इससे पहले एक छोटी-सी बात।औरऔर भी