रिजर्व बैंक ने अभी तक मार्च 2012 के अंत तक सकल मुद्रास्फीति का अनुमान 7 फीसदी पर यथावत रखा है। लेकिन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी का कहना है कि तब तक मुद्रास्फीति की दर 6 से 7 फीसदी के बीच रह सकती है। वित्त मंत्री का यह बयान गुरुवार को खाद्य मुद्रास्फीति के ताजा आंकड़ों के जारी होने के बाद आया है जिसके मुताबिक 31 दिसंबर 2011 को समाप्त सप्ताह में भी खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ने के बजायऔरऔर भी

देश की फैक्ट्रियों, खदानों और बिजली जैसी सेवाओं में कैसा कामकाज हुआ, इसे दर्शानेवाला औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) नवंबर महीने में साल भर पहले की अपेक्षा 5.9 फीसदी बढ़ गया है। यह किसी भी अर्थशास्त्री के अनुमान से अधिक है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इस बाबत 32 अर्थशास्त्रियों के बीच रायशुमारी कराई थी, जिनका न्यूनतम अनुमान 4 फीसदी घटने से लेकर अधिकतम 5.6 फीसदी बढ़ने का था। इनका औसत अनुमान 2.2 फीसदी का था। बता दें किऔरऔर भी

दिसंबर की मुद्रास्फीति के आधिकारिक आंकड़े अगले हफ्ते के पहले दिन 16 जनवरी को आएंगे। लेकिन ज्यादातर विशेषज्ञों का यह मानना है कि यह दर 7.5 फीसदी पर आ जाएगी और रिजर्व बैंक मार्च के अंत तक इसे 7 फीसदी पर लाने का लक्ष्य आराम से हासिल कर लेगा। वैश्विक स्तर की वित्तीय सेवा कंपनी क्रेडिट सुइस का तो मानना है कि यह घटकर 6.5 फीसदी पर आ जाएगी और अगले साल 2013 तक नीची ही बनीऔरऔर भी

आप सभी से हमारी विनम्र गुजारिश है कि बाजार के तमाम मध्यवर्तियों की तरफ से बिना वजह किए जानेवाले डाउनग्रेड व अपग्रेड को लेकर बहुत चौकन्ने रहें। जैसे, बाजार कल और आज मूडीज द्वारा भारत की विदेशी मुद्रा रेटिंग को अपग्रेड करने पर बहक गया। हकीकत यह है कि भारत सरकार के बांडों की रेटिंग मूडीज ने पिछले महीने 20 दिसंबर को ही बढ़ा दी थी। इसलिए, रुपया जब पिछले छह महीनों में डॉलर के सापेक्ष करीब-करीबऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने चार और बैंकों को देश में सोना-चांदी आयात करने की इजाजत दे दी है। ये बैंक हैं – यस बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सिटी यूनियन बैंक और आईएनजी वैश्य बैंक। इन्हें मिलाकर अब कुल 35 बैंक देश में सोना-चांदी का आयात कर सकते हैं। बता दें कि भारत दुनिया में सोने का सबसे बड़ा आयातक देश बना हुआ है। लेकिन हर किसी को बाहर से सोना मंगाने की इजाजत नहीं है। केवल रिजर्व बैंकऔरऔर भी

बाजार में ढाई बजे तक गिरावट का माहौल रहा। फिर वह उठने लगा। लेकिन 4794.90 तक जाने के बावजूद कमोबेश कल के समान स्तर 4754.10 पर बंद हुआ। वैसे, इस बार की गिरावट भी मुझे बेहतर लग रही है क्योंकि बहुत सारे स्टॉक्स खास किस्म की चमक दिखा रहे हैं जिसका मतलब है कि उनके जमने की प्रक्रिया जारी है। बाजार जमने में जितना ज्यादा वक्त लगाएगा, उसमें बढ़त का लक्ष्य उतना ही उठता जाएगा। खाद्य मुद्रास्फीतिऔरऔर भी

उम्मीद है कि रुपया पिछले कुछ महीनों से चल रही गिरावट का सिलसिला तोड़कर अब स्थिर हो जाएगा। अगर ऐसा नहीं होता तो उसमें आई तेज हलचल को रोकने के लिए रिजर्व बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने को तैयार है। रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने गुरुवार को सिंगापुर में आयोजित एक समारोह में यह बात कही। उन्होंने कहा, “हम किसी भी तेज एकतरफा हलचल को रोकने के लिए मजबूत कदम उठाएंगे।” उन्होंनेऔरऔर भी

इस समय जो-जो चीजें किसानों के पास बहुतायत में हैं, उन सभी की कीमत में भारी गिरावट के कारण खाद्य मुद्रास्फीति की दर शून्य से नीचे पहुंच गई है। वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार 24 दिसंबर 2011 को समाप्त सप्ताह में थोक मूल्यों पर आधारिक खाद्य मुद्रास्फीति की दर (-) 3.36 फीसदी रही है। लेकिन किसानों के पास जो चीजें नहीं हैं, मसलन दूध, फल, दाल व मांस-मछली व अंडे, उनऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने संकेत दिया है कि अब वह मौद्रिक नीति में नरमी ला सकता है। दूसरे शब्दों में ब्याज दरों में कमी कर सकता है। रिजर्व बैंक के गवर्नर दुव्वरि सुब्बाराव ने बीबीसी को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा, “यहां से हम मौद्रिक नीति को कड़ा करने की प्रक्रिया के पलटने की उम्मीद कर सकते हैं।” बता दें कि रिजर्व बैंक मार्च 2010 के बाद से मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए 13 बार ब्याजऔरऔर भी

आप सभी को नया साल मुबारक। बीते साल जिस दुख और तकलीफ से आप गुजरे हैं, उसकी कोई भी अनदेखी नहीं कर सकता। ऊपर से गिरावट का शोर थमा नहीं है। निफ्टी के और गिरकर 4200 व 3800 पहुंचने के अनुमान भले ही मूलभूत आर्थिक पहलुओं पर खरे न उतरते हों, लेकिन चार्टों और टेक्निकल एनालिसिस का सहारा लेकर अब भी यही भोंपू बजाया जा रहा है। सरकार ने विदेशी निवेशकों को भारतीय कंपनियों में शेयर हिस्सेदारीऔरऔर भी