कंपनियों के नतीजों का मौसम खत्म होने को है। अब तक तस्वीर यह बनी है कि जहां इनफोसिस और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी तमाम बड़े स्तर की कंपनियां बाजार की अपेक्षाओं को पूरा करने में नाकाम रही हैं, वहीं पोलारिस, एचसीएल टेक्नो व हिंदुस्तान जिंक जैसे मध्यम स्तर की कंपनियों ने उम्मीद के बेहतर नतीजे हासिल किए हैं। कुल मिलाकर कॉरपोरेट क्षेत्र का लाभार्जन बीते वित्त वर्ष 2010-11 में पहले से 20 फीसदी ज्यादा रहेगा। लेकिन चालू वित्तऔरऔर भी

बहुत से निवेशक अभी तक मार्क टू मार्केट के दबाव और विशेषज्ञों की सलाहों के आगे घुटने टेक चुके हैं और बाजार से बहुत कुछ बेच-बाच कर निकल गए हैं। ब्रोकर उन्हें अब भी समझा रहे हैं कि हर बढ़त उनके लिए राहत का मौका है और ऐसे हर मौके पर उन्हें बेचकर निकल लेना चाहिए। अच्छा है क्योंकि आपका इम्तिहान चल रहा है। अब, ऐसा तो नहीं हो सकता कि आप हर बार उम्मीद करें किऔरऔर भी

एचडीएफसी सिक्यूरिटीज के वी के शर्मा जी कहते हैं कि आइम्को इलेकॉन (इंडिया) लिमिटेड लंबे निवेश के लिए अच्छी कंपनी है। उन्होंने 19 अगस्त को जब यह शेयर खरीदने की सिफारिश की थी, तब इसका बंद भाव 310.55 रुपए था। उसके बाद से लगातार गिरते-गिरते यह 25 अगस्त को 296 रुपए पर पहुंच गया। कल 26 अगस्त को जाकर यह बीएसई (कोड – 523708) में 20 पैसे बढ़कर 296.20 रुपए पर बंद हुआ है तो एनएसई (कोडऔरऔर भी