देश में हर 1700 लोगों पर एक डॉक्टर है, जबकि दुनिया का औसत 1000 लोगों पर डेढ़ डॉक्टर का है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने लक्ष्य बनाया है कि 2031 तक हर 1000 भारतीय पर एक डॉक्टर उपलब्ध करा दिया जाएगा। इस समय जर्मनी में 296 पर एक, अमेरिका में 350 पर एक, ब्रिटेन में 469 पर एक, ब्राजील में 844 पर एक, चीन में 1063 पर एक और पाकिस्तान में 1923 लोगों पर एक डॉक्टरऔरऔर भी

निजी चीनी मिलों की लॉबी सरकार से निर्यात की इजाजत लेने की मुहिम में जुट गई है। बुधवार को निजी चीनी मिलों के संगठन इस्मा (इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन) के अध्यक्ष विवेक सरावगी और महानिदेशक अविनाश वर्मा ने अलग-अलग समाचार एजेंसियों के जरिए दावा किया कि भारत आराम से इस साल 20 लाख टन चीनी का निर्यात कर सकता है और ऐसा न करने से दुनिया में चीनी के दामों में आग लगी रहेगी। इस्मा के अध्यक्षऔरऔर भी

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का कहना है कि उनका देश अपना प्रतिस्पर्धी स्थान खो रहा है और भविष्य की नौकरियां भारत जैसे देशों के युवाओं के हाथ में होंगी, जहां शिक्षा क्षेत्र में भारी निवेश किया जा रहा है। उन्होंने अमेरिका के लोवा शबर में आयोजित एक सार्वजनिक सभा में कहा, ‘‘आप देखिए चीन, भारत और ब्राजील जैसे देश शिक्षा प्रणाली और बुनियादी ढांचे में जमकर निवेश कर रहे हैं। कहां हम अव्वल होते थे, मसलन कॉलेजऔरऔर भी

साल 2009 में एशिया में करोड़पतियों की संख्या बढ़कर 30 लाख हो गई है और यह आज तक के इतिहास में पहली बार यूरोप की बराबरी में आई है। यही नहीं, एशिया के करोड़पतियों की कुल संपत्ति 9.7 लाख करोड़ डॉलर रही है जबकि यूरोप के करोड़पतियों की कुल संपत्ति 9.5 लाख करोड़ डॉलर ही रही है। यह निष्कर्ष है मेरिल लिंच-कैपगेमिनी की ताजा वर्ल्ड वेल्थ रिपोर्ट का। रिपोर्ट ने चुटकी लेते हुए कहा है कि जबऔरऔर भी

भारत, चीन, ब्राजील और रूस के आर्थिक विकास की संभावनाएं अगले साल तक और भी बेहतर हो जाएंगी। यह आकलन है दुनिया के जानेमाने संगठन ओईसीडी (ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकनोमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट) का। ओईसीडी ने बुधवार को जारी अपने ताजा अनुमान में कहा है कि भारत में कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी की संभावना है। इससे भारत के आर्थिक विकास को आवेग मिलेगा। हालांकि बढ़ती मांग के बीच मुद्रास्फीति का दबाव बना रह सकता है। बता दें किऔरऔर भी