जिस काम को करने से मन को शांति मिले, जिसे करते हुए मन में शांति हो और जिसे करने के बाद मन में शांति रहे, वही काम हमारे लिए सही काम है। लेकिन काम चुनने की यह आजादी मिले तो सही।और भीऔर भी

सरकार ने महंगाई से परेशान केंद्रीय कर्मचारियों को राहत दे दी है। केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 6 फीसदी बढ़ाकर 51 फीसदी कर दिया गया है। इससे केंद्र सरकार के करीब 50 लाख कर्मचारी और 38 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। यह फैसला मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में लिया गया। एक केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘कैबिनेट की आज हुई बैठक में महंगाई भत्ता बढ़ाने का निर्णय किया गया।’’ यह वृद्धि इस साल एक जनवरी से प्रभावी मानीऔरऔर भी

अर्थ और वित्त की दुनिया बड़ी निर्मम है। यहां भावना और भावुकता से ऊपर उठकर सीधा-सीधा हिसाब चलता है। जापान में त्राहि-त्राहि मची है। लेकिन चूंकि जापान दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा ग्राहक है और वहां तमाम रिफानरियां आग की चपेट में आ गई हैं तो वे बंद रहेंगी जिससे तेल की मांग तात्कालिक रूप से घट जाएगी। सो, कच्चे तेल के दाम खटाक से 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गए। लेकिनऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने शीतल पेय में कीटनाशक की मात्रा पर केरल सरकार द्वारा पेप्सिको इंडिया के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही को दरकिनार कर दिया है। कंपनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अल्तमास कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह फैसला सुनाया। केरल सरकार ने पेप्सिको इंडिया के खिलाफ निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में कीटनाशक वाले शीतल पेय बेचने के लिए आपराधिक कार्यवाही शुरू की थी। सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट पहले केऔरऔर भी

यूं तो हाइपरटेंशन अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, लेकिन पॉलिसीधारक इसके इलाज पर जो भी खर्च करता है, उसका क्लेम वह बीमा कंपनी से ले सकता है। यह फैसला है दिल्ली राज्य उपभोक्ता आयोग का। जस्टिस बी ए जैदी की अध्यक्षता वाले आयोग ने कहा है, “हाइपरटेंशन बीमारी नहीं, बल्कि मानव जीवन की सामान्य गड़बड़ी है जिसे दवाओं से नियंत्रित किया जा सकता है। यह ऐसा कोई मर्ज नहीं है जिसके इलाज के लिए अस्पतालऔरऔर भी

एक हफ्ते के भीतर ही पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी के चेयरमैन सी बी भावे ने अपना वादा पूरा कर दिया और गुरुवार 15 जुलाई से शेयरों के डेरिवेटिव सौदों में फिजिकल सेटलमेंट की व्यवस्था अपना ली गई है। सेबी ने एनएसई और बीएसई के इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट के मुख्य अधिकारियों के नाम भेजे गए सर्कुलर में यह सूचना दी है। अब स्टॉक एक्सचेजों को इसे लागू करने के व्यावहारिक इंतजाम करने हैं। तय यह हुआ हैऔरऔर भी

केंद्रीय कैबिनेट ने कोल इंडिया और हिंदुस्तान कॉपर के विनिवेश का फैसला टाल लिया है। इसकी मुख्य वजह राजनीतिक सहमति न बन पाना बताया जा रहा है। खासकर, रेल मंत्री ममता बनर्जी कोल इंडिया के विनिवेश का विरोध कर रही हैं। गुरुवार को कैबिनेट की बैठक के बाद खान मंत्री बी के हांडिक ने मीडिया को यह जानकारी दी। लेकिन उन्होंने विनिवेश का फैसला टालने की कोई वजह अपनी तरफ से नहीं बताई। बता दें कि जहांऔरऔर भी