भारत सरकार पर ऋण का बोझ इस वित्त वर्ष के अंत तक थोड़ा घट जाएगा। यह आकलन है अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी फिच का। फिच रेटिंग्स ने सोमवार को जारी रिपोर्ट में कहा है कि वित्त वर्ष 2009-10 के अंत में भारत सरकार का कुल ऋण सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 83 फीसदी था। लेकिन चालू वित्त वर्ष 2010-11 के अंत यानी मार्च 2011 तक यह घटकर जीडीपी के 80 फीसदी तक आ जाएगा। फिच ने यह आकलनऔरऔर भी