शेयरों में निवेश कोई सीधा-सीधा अंकगणित नहीं, जहां जोड़ने-घटाने और गुणा-भाग से काम चल जाए। यह प्रोबैबिलिटी या प्रायिकता का खेल है। यहां कोई निश्चितता नहीं। लगातार अनिश्चितता की भंवर। यहां एफडी या बॉन्ड बाज़ार जैसा पहले से निर्धारित रिटर्न नहीं मिलता। कभी-कभी महीने भर में ही 40-50% रिटर्न मिल सकता है तो कभी सालों-साल तक शेयर ठहरा पड़ा रहता है और अच्छी-खासी कंपनियों तक में आपका निवेश साल-दर-साल घटता चला जाता है। धारणा है कि अपनाऔरऔर भी