मस्ती का मंत्र
अगर आप अपने से खुश हैं तो दुनिया भी आपकी परवाह करेगी। लेकिन अगर आप खुद अपने से ही दुखी हैं तो भगवान भी आपको नहीं बचा सकता। इसलिए अपनी कमियों व खूबियों का सही अहसास जरूरी है। न तो आत्ममुग्धता और न ही आत्मदया।और भीऔर भी
स्वार्थी कौन?
अपना हाल हम ही जानते हैं या मानते हैं कि भगवान जानता है। दूसरों का हाल हम पूछते नहीं, न ही उसकी परवाह करते हैं। लेकिन चाहते हैं कि दूसरा हमारी परवाह करे। नहीं करता तो उसे निपट स्वार्थी बताते हैं। पर, अपनी तरफ देखने की जहमत नहीं उठाते।और भीऔर भी
तूफान की फितरत
बुरा वक्त और तूफान कभी इस बात का इंतज़ार नहीं करते कि आपने बचने की तैयारी कर ली है या नहीं। उन्हें कतई परवाह नहीं होती कि आप कितने सतर्क या चैतन्य हैं। वे तो बस अपनी मौज में आते हैं और सब समेटकर साथ लिये जाते हैं।और भीऔर भी
एफआईआई भी बनाते झूठा वोल्यूम
डाउ जोन्स में आई 165 अंकों की बढ़त और देश के गृहमंत्री पी चिदंबरम को 2जी स्पेक्ट्रम मामले में मिली राहत ने आज बाजार के बढ़कर खुलने की जमीन तैयार कर दी थी। लेकिन जैसी कि मुझे उम्मीद थी, वो खुद को टिकाए नहीं रख सका। निफ्टी 5390.05 तक जाकर नीचे उतर आया और 0.67 की बढ़त के साथ 5361.65 पर बंद हुआ। जब हर तरफ से बुरी खबरें आ रही थी, तब बाजार के सारे लोगऔरऔर भी





