सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों को बड़ी राहत दे दी। कोर्ट ने निजी चीनी मिल मालिकों को तीन महीने के भीतर गन्ना किसानों का सारा बकाया चुकाने का निर्देश दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए निजी मिल मालिकों को पेराई सत्र 2008-09 और 2010-11 के किसानों के सारे बकाये का भुगतान तीन महीने के भीतर कर देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मिल मालिकों से किसानोंऔरऔर भी

उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ने का राज्य समर्थित मूल्य (एसएपी) 40 रूपए प्रति क्विंटल बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री मायावती की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया। अब सामान्य किस्म के गन्ने की बढ़ी कीमत 240 रुपए, अच्छे किस्म के गन्ने के लिए 250 रुपए और अन्य किस्म के गन्ने की कीमत 235 रुपए प्रति क्विंटल हो जाएगी। इस फैसले की घोषणा करते हुए खुद मुख्यमंत्री मायावती ने लखनऊ में बताया कि निजी चीनीऔरऔर भी

निजी चीनी मिलों की लॉबी सरकार से निर्यात की इजाजत लेने की मुहिम में जुट गई है। बुधवार को निजी चीनी मिलों के संगठन इस्मा (इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन) के अध्यक्ष विवेक सरावगी और महानिदेशक अविनाश वर्मा ने अलग-अलग समाचार एजेंसियों के जरिए दावा किया कि भारत आराम से इस साल 20 लाख टन चीनी का निर्यात कर सकता है और ऐसा न करने से दुनिया में चीनी के दामों में आग लगी रहेगी। इस्मा के अध्यक्षऔरऔर भी