ममता रहीं दूर तो माया, मुलायम ने दिया हाथ

जो लोग ममता बनर्जी के तीखे तेवरों के बाद यूपीए सरकार के अस्थिर होने की बात कर रहे थे, उनके लिए बुरी खबर है कि माया और मुलायम दोनों मजबूती से सरकार के साथ डट गए हैं। मंगलवार को सरकार को उस समय राहत मिली, जब समाजवादी पार्टी और बीएसपी के समर्थन से एनसीटीसी सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों के संशोधनों को खारिज कर दिया गया। तृणमूल कांग्रेस मतदान में अनुपस्थित रही।

सपा व बीएसपी के सहयोग से राज्यसभा ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को मंजूरी दी। सीपीएम और बीजेपी सदस्यों के चार संशोधनों पर एक साथ मतदान कराया गया, जिसे 82 के मुकाबले 105 मतों से नकार दिया गया। सपा व बीएसपी के सदस्यों ने संशोधनों के खिलाफ मतदान किया। प्रस्ताव पर सदन में हुई चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एनसीटीसी का बचाव किया। आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में इसे अहम बताते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश के संघीय ढांचे का सम्मान करती है और इसे बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

सदन में विपक्ष के नेता अरूण जेटली ले कहा कि कानून व्यवस्था राज्य का मामला है और एनसीटीसी को दिया गया अधिकार राज्यों के अधिकार में अतिक्रमण है। उन्होंने कहा कि इसे पहले भी टाडा या पोटा जैसे कानून थे जिसमें राज्यों के अधिकार क्षेत्र में अतिक्रमण नहीं किया गया। जेटली ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जंग और संघीय ढांचे के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए और दोनों एक साथ रह सकते हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री से आश्वासन दिए जाने की मांग की कि एजेंसी द्वारा जांच, तलाशी और गिरफ्तारी किए जाने के पहले राज्यों से सहमति ली जानी चाहिए। सीपीएम के सीताराम येचुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री को यह आश्वासन देना चाहिए कि मुख्यमंत्रियों के बीच समझौता होने के बाद ही एनसीटीसी की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।

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