दाम सही मिले तो चल जाएगा भाव

हम कोई सामान खरीदने जाते हैं, पूरी तहकीकात करते हैं। कई दुकानों पर पूछते हैं। रिश्तेदारों व पड़ोसियों तक से पूछ डालते हैं। लेकिन शेयरों में निवेश हम झोंक में करते हैं। टिप्स की तलाश में लगे रहते हैं। हमारी इसी मानसिकता का फायदा उठाने के लिए इन दिनों तमाम वेबसाइटों से लेकर एसएमएस तक से टिप्स भेजे जाने लगे हैं। इधर फंडामेंटल्स मजबूती की बात उठने लगी तो कुछ एसएमएस फंडामेंटल बताकर ही निवेश की सलाह देते हैं।

लेकिन जांच करेंगे तो पाएंगे कि यह सब हमारी-आपकी लालच को भुनाने का धंधा है। यूं ही कोई मुफ्त में एसएमएस या वेबसाइट से सलाह नहीं देता। ब्रोकर तो इसलिए ऐसा करते हैं कि लोग जितना ज्यादा खरीदेंगे-बेचेंगे, दोनों तरफ से उनका ब्रोकरेज बनेगा। बाकी मानकर चलिए कि दूसरों का भी कोई न कोई स्वार्थ होता होगा जो हमें दिखता नहीं। हां, अर्थकाम जरूर अपनी तरफ से भरोसा दिलाता है कि हम जो भी सलाह देते हैं, उसका मकसद आपको निवेश के बारे में शिक्षित करना है। अगर हम किसी खास शेयर की बात करते हैं, तो वह बस एक उदाहरण भर होता है।

फिर, हम बराबर कहते हैं कि निवेश के सारे माध्यमों से सबसे ज्यादा जोखिम शेयर बाजार में है। इसलिए यहां आप वही धन निवेश करें जो आपकी जरूरत से इफरात है। इस अतिरिक्त धन को भी तब तक निवेश न करें जब तक जहां निवेश कर रहे हैं, उसका पूरा फंडा समझ में न आ जाए। बिना समझे एक दमड़ी भी न तो किसी को देनी चाहिए और न ही लगानी चाहिए। वैसे भी आपकी बचत बैंक में ही तो पड़ी है। सुरक्षित है, कहीं भागी तो नहीं जा रही। हां, मुद्रास्फीति की दर से कम ब्याज मिलने के कारण उसका मूल्य कम हो रहा है। लेकिन वहां आपका मूलधन सही-सलामत है। बिना समझे, लालच में आकर निवेश करेंगे तो मूलधन भी चला जाएगा और आपके पास पछताने के सिवा कोई दूसरा चारा नहीं होगा।

वैसे, आप भी छुट्टी मना रहे होंगे और मुझे भी कई काम हैं। बस इतना बताना है कि सामान्य स्थितियों में हमारा बाजार, जिसे हम सेंसेक्स से माप सकते हैं, 13 से 22 के पी/ई अनुपात के बीच ट्रेड होता है। बीते शुक्रवार, 27 मई को सेंसेक्स 18,266.10 पर बंद हुआ है। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों के ताजा ईपीएस के आधार पर इसका पी/ई अनुपात 19.37 है। लेकिन बाजार हमेशा आगे की सोचकर चलता है। आगे की गणना को पहले से समाहित कर लेता है।

अगर कंपनियों के लाभ में 10 फीसदी वृद्धि हुई तो चालू वित्त वर्ष 2011-12 में सेंसेक्स का अनुमानित ईपीएस (प्रति शेयर शुद्ध लाभ) 1150 रुपए रहेगा। इसे आधार बनाएं तो सेंसेक्स अभी 15.88 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। इसलिए बाजार को अभी न तो बहुत सस्ता कहा जा सकता है और न ही बहुत महंगा। मान लीजिए, कंपनियों के लाभ में 20 फीसदी इजाफा हो जाता है तो सेंसेक्स साल भर बाद 20 का पी/ई अनुमान पकड़कर आराम से 23,000 पर पहुंच सकता है। लेकिन अगर हालात बदतर हुए तो यह 13 के पी/ई अनुपात को पकड़कर 15,000 तक भी गिर सकता है। तो, बाजार में अभी निवेश करने में इतना जोखिम है, जिसे उठाने पर इतना फायदा मिल सकता है। यह गणना खुद अच्छी तरह कर लीजिए। फिर, निवेश का फैसला कीजिए।

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