आधुनिकता ध्वस्त, पुरातन मंडपम तले!
दिल्ली के प्रगति मैदान के जिस भारत मंडपम में जी-20 का शिखर सम्मेलन होने जा रहा है, उसे आधुनिकता व समावेशी राष्ट्र के प्रतीक हॉल ऑफ नेशंस की भव्य इमारत को ढहाकर बनाया गया है। मशहूर आर्किटेक्ट राज रेवाल और स्ट्रक्चरल इंजीनियर महेंद्र राज ने इसे अपनी संपूर्ण मेधा का इस्तेमाल करते हुए आज़ादी की 25वीं वर्षगांठ पर साल 1972 में बनाया था। उन्होंने आधुनिक ज्यामितीय स्पष्टता बरतते हुए इसे भारत के आत्मनिर्भर होते जाने के प्रतीकऔरऔर भी
अध्यक्ष की सबसे कम प्रति व्यक्ति आय!
जी-20 का शिखर सम्मेलन नजदीक आने के साथ ही शब्दों का खोखलापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिर पर चढ़कर बोलने लगा है। एक तरफ वे जीडीपी के दम पर कहते नहीं थकते कि भारत एक दशक से भी कम समय में दसवीं से छलाग लगाकर दुनिया की पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। दूसरी तरफ उनका बयान है कि दुनिया का जीडीपी केंद्रित दृष्टिकोण अब मानव-केंद्रित में बदल रहा है। अगर ऐसा है तो वे एक बार भीऔरऔर भी
शब्दों और प्रचार का नाद, बाकी सन्नाटा
दुनिया के 19 देशों और यूरोपीय संघ के समूह जी-20 का गठन सितंबर 1999 में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व वित्तीय मुद्दों पर वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैकों के गर्वनरों की चर्चा के लिए किया गया था। तभी से हर साल इस समूह की रूटीन बैठक होती रही है। साल 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद सालाना बैठक में राष्ट्र प्रमुखों को शामिल किया जाने लगा। भारत इससे पहले साल 2003 में जी-20 की अध्यक्षता कर चुका है।औरऔर भी
जी-20 की जगमग में निकलेगा समाधान
यह हफ्ता जी-20 के नाम। इस सप्ताहांत शनिवार-रविवार को दुनिया की तकरीबन दो-तिहाई आबादी, 75% वैश्विक व्यापार और 85% वैश्विक जीडीपी का प्रतिनिधित्व करनेवाले शीर्ष नीति-नियामक राजधानी दिल्ली में जमा हो रहे हैं और साझा सरोकारों पर समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। जी-20 में यूरोपीय संघ और दुनिया के 19 अन्य देश शामिल है। ये देश हैं अमेरिका, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, ब्रिटेन, भारत, कनाडा, चीन, जर्मनी, फ्रांस, इंडोनेशिया, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिणऔरऔर भी
जब भी हो ज़रूरत, निकालते रहें मुनाफा
बड़े-बड़े विद्वान भले कहते हों कि शेयरों में निवेश हमेशा के लिए होता है, लेकिन इस बाज़ार से वही कमाता है तो बराबर मुनाफा निकालता रहता है। ऐसे में सबसे अहम सवाल है कि किसी शेयर से कब मुनाफा निकाला जाए? सीधा-सा जवाब है जब भी ज़रूरत पड़े। पहली बात तो यह है कि शेयर बाज़ार में वही धन लगाना चाहिए जो हमारी वर्तमान व आकस्मिक ज़रूरतों का इंतज़ाम करने के बाद इफरात बचता हो। दूसरी बात,औरऔर भी





