सेंसेक्स हो, निफ्टी हो या हो म्यूचुअल फंड, जोखिम से जुड़े हुए इन बाजार आधारित निवेश विकल्पों ने इस साल जून से ही दिल गार्डन-गार्डन कर रखा है। अब आगे बाजार क्या रुख ले रहा है, इसकी खलबली, भविष्यवाणी सब चल रही है एक साथ। अगले कुछ महीनों में बाजार क्या रहेगा? खलबली क्यों है, बाजार आधारित इस जोखिम भरे स्टॉक या शेयर बाज़ार में निवेश के सुखद अवसर बना रहे कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात करतेऔरऔर भी

ऑस्ट्रेलिया से लेकर अमेरिका, यूरोप व एशिया तक में सक्रिय अग्रणी ब्रोकरेज़ फर्म सीएलएसए ने डराया है कि भारत का शेयर बाज़ार 30% तक गिर सकता है। CLSA कोई ऐसी-गैरी फर्म नहीं है। उसने दुनिया में बढ़ती ब्याज दर, सरकारी बांडों पर बढ़ते यील्ड और अमेरिका से लेकर यूरोप तक गिरते शेयर बाज़ार के ट्रेन्ड और भारत की विशेष स्थिति के आधार पर यह भविष्यवाणी की है। लेकिन जो लोग ज़मीन पर गिरे हीरों को चुनने काऔरऔर भी

नियमतः शत-प्रतिशत और व्यवहार में अधिकांश इंट्रा-डे ट्रेडर व्यक्तिगत स्तर पर ट्रेड करते हैं। भोर में घर से निकल जाते हैं। किसी ब्रोकर या सब-ब्रोकर के यहां दिन के दिन में सौदे निपटाकर देश शाम घर लौट जाते हैं। उनकी यह भी खासियत है कि वे कहीं से भी मिल गई टिप्स क पीछे भाग पड़ते हैं। इस चक्कर में ऐसे आलतू-फालतू स्टॉक्स पर दांव लगा बैठते हैं जिनके बारे में किसी से खास कुछ सुना नहींऔरऔर भी

इंट्रा-डे ट्रेडिंग के कुछ नियम-धर्म हैं जिनका पालन ज़रूरी है। पहला, उन्हीं स्टॉक्स में ट्रेड करें जिनमें अच्छा-खासा कारोबार होता है। व्यावहारिक मतलब यह कि निफ्टी-50, निफ्टी नेक्स्ट-50 या निफ्टी-100 जैसे सूचकांकों में शामिल स्टॉक्स में ही ट्रेड करें। दूसरा, कभी भी बाज़ार से पंगा न लें। उसके रुख से उल्टा चलने का दुस्साहस न करें। बाज़ार कमज़ोरी के संकेत दे रहा है तो कभी भी खरीद के सौदे न करें और सामर्थ्य हो तो शॉर्ट करें।औरऔर भी

इंट्रा-डे ट्रेडिंग शेयर बाज़ार में सबसे ज्यादा रिस्की व तनाव भरा उद्यम है, शायद फ्यूचर्स व ऑप्शंस से भी ज्यादा। मगर न जानें क्यों हमारी पूंजी बाज़ार नियामक संस्था, सेबी ने इसे व्यक्तिगत निवेशकों या कहें तो रिटेल ट्रेडरों के लिए ही खोल रखा है। संस्थाओं का प्रवेश इसमें वर्जित है। संभव है कि बैंक, म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां या विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) इसे मानते हों। लेकिन जितने भी ब्रोकरेज हाउसेज़ हैं, वे तो जमकर डे-ट्रेडिंगऔरऔर भी