शॉर्ट-सेलिंग केवल उन्हीं सूचकांकों व स्टॉक्स में की जा सकती है जो डेरिवेटिव सेगमेंट में शामिल हैं। ऐसे तीन सूचकांक हैं निफ्टी-50, निफ्टी बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज़। वहीं, इस सेगमेंट में शामिल स्टॉक्स की संख्या 160 है। एनएसई की साइट से आपको इनके लॉट साइज़ की जानकारी मिल जाएगी। लेकिन शॉर्ट-सेलिंग में सबसे बड़ी उलझन मार्जिन की है जिसकी पूरी जानकारी आपको आपका ब्रोकर ही दे सकता है। मार्जिन से कई गुना मूल्य के सौदे आपऔरऔर भी