सालोंसाल से कहा जाता रहा है कि शेयर बाज़ार का उन्माद जब चरम पर रहता है, तब रिटेल निवेशकों की एंट्री होती है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। टेक्नोलॉज़ी व डिजिटल मीडिया के प्रसार ने रिटेल निवेशकों की वित्तीय साक्षरता व पहल बढ़ा दी है। ऊपर से कोरोनाकाल में ‘वर्क फ्रॉम होम’ के चलते मिली फुरसत ने नौकरी कर रही युवा पीढ़ी को समझदार निवेशक बना दिया। एक सर्वे के मुताबिक बीते सवा साल में ब्रोकरोंऔरऔर भी