ट्रेडिंग करते वक्त हमें दो खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। एक, सामनेवाले ट्रेडर का मनोविज्ञान और दो, बाज़ार में आ रहे धन का प्रवाह। मनोविज्ञान का पता भावों का ट्रेन्ड और टेक्निकल एनालिसिस के विभिन्न इंडीकेटर बता देते हैं। कैंडल के आकार और उनकी पोजिशन से ही काफी कुछ पता चल जाता है, बशर्ते उनकी भाषा आपको पढ़नी आती हो। मौजूदा चढ़े हुए बाज़ार में रिटेल ट्रेडरों की मानसिकता काफी मायने रखती है। अन्यथा, सामान्य बाज़ारऔरऔर भी

दस रुपए कहीं गिरे हुए मिल जाएं तो जितनी खुशी मिलती है, उससे कहीं ज्यादा गम हमें ऑटो या दुकानवाले के एक रुपए ज्यादा लेने पर होता है। यह सामान्य मनोविज्ञान है। लेकिन शेयर बाज़ार में निवेश करते समय मानकर चलना होता है कि वो सारा धन डूब गया। बाज़ार में वही धन लगाएं जो आपकी अभी और बाद, यहां तक कि आकस्मिक ज़रूरतों का इंतज़ाम कर लेने के बाद बचता है। नहीं बचता तो पहले रोज़ी-रोज़गारऔरऔर भी

शेयर बाज़ार में पिछले 12-14 महीनों में करीब डेढ़ करोड़ नए-नवेले रिटेल ट्रेडर आए हैं। इन्हें भरोसा है कि यहां धन-दनादन होता है। उनके दिमाग पर तेज़ी का शुरूर छाया है। उन्होंने अभी तक बाज़ार की मंदी नहीं देखी। इनमें से ज्यादातर पिछले साल मार्च में तब बाज़ार में आए, जब वो कोरोना की मार से ज़मींदोज़ हो चुका था। उसके बाद अभी तक तेज़ी की बहार है। लेकिन अगर बाज़ार में मुनाफावसली की लहर दौड़ी औरऔरऔर भी

गोआइबिबो के सह-संस्थापकों की तरफ से लॉन्च किए हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म एका.केयर (Eka.Care) ने कोरोना के टीकाकरण के लिए बुकिंग का काम आसान कर दिया है। इस एप्प को अपने स्मार्टफोन पर डाउनलोड करने के बाद आप कोरोना के टीकाकरण का स्लॉट आसानी से बुक कर सकते हैं। यह एप्प सीधे-सीधे सरकारी एप्प कोविन के साथ जुड़ा हुआ है। इस एप्प को आप गूगल प्लेस्टोर से मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं। कोविन और एका.केयर प्लेटफॉर्म के साथऔरऔर भी

आज के दौर की सबसे बड़ी समझदारी यही है कि बेहद सतर्क रहें, हमेशा तगड़ा स्टॉप-लॉस लगाकर चलें। ऐसा इसलिए ज़रूरी है क्योंकि बाज़ार में इस वक्त 20-30 साल के युवा झूमकर आए हैं। इनके पास शेयरों में ट्रेडिंग का कोई अनुभव नहीं है और वे बुद्धि से ज्यादा भावनाओं में बहते हैं। खट से इधर तो खटाक से उधर। नतीजतन, बाज़ार कोई दिशा ही नहीं पकड़ पा रहा और उन्मत्त जानवर जैसा बर्ताव कर रहा है।औरऔर भी