ठगी के धंधे में कोई कांच को हीरा और कलई चढ़े आभूषण को खरा सोना बनाकर बेच सकता है। लेकिन असली धंधे में वही टिकता है जिसमें अंदर का दम होता है और जो ग्राहकों के बीच अपनी साख से कभी समझौता नहीं करता। हमें लंबे समय के निवेश के लिए ऐसी ही कंपनियां चुननी चाहिए। विश्वास रखें कि मिट्टी में पड़ा हीरा अंततः अपनी कीमत हासिल कर ही लेता है। तथास्तु में आज ऐसी ही कंपनी…औरऔर भी

रिटेल या आम ट्रेडर को शेयर बाज़ार की ट्रेडिंग में केवल 5% बचत लगानी चाहिए। लेकिन जो ज्यादा नेटवर्थ वाले लोग (एचएनआई) हैं, जिनके पास इफरात धन है, वे अपने निवेश सलाहकार या वित्तीय प्लानर से पूछकर जितना भी चाहें, उतना धन ट्रेडिंग में लगा सकते हैं। वैसे, देखा गया है कि बाज़ार में ज्यादातर रिटेल ट्रेडर ही डूबते हैं, जबकि एचएनआई ट्रेडर अधिक न भी कमाएं तो उनकी पूंजी सुरक्षित रहती है। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी

शेयर बाज़ार में जिसे ट्रेडिंग करनी है, उसे केवल अपना वही धन ट्रेडिंग में लगाना चाहिए जो अगर डूब जाए तो उसकी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़े। बताते हैं कि आपके पास वर्तमान व भावी और आकस्मिक ज़रूरतों को पूरा करने के बाद 100 रुपए बचते हैं तो उसमें से केवल 5 रुपए ही वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग में लगाने चाहिए। बाकी धन एफडी, सोना, म्यूचुअल फंड व स्टॉक्स में लगाना चाहिए। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी

लालच में लोग इतने अंधे हो जाते हैं कि अपनी पूंजी के बाद घरवालों की जमापूंजी उड़ाने लगते हैं। इससे भी नहीं पूरा होता तो उधार लेने लगते हैं। उधार का यह सिलसिला वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग के लिए आत्मघाती है। उधार लेकर ट्रेडिंग करना नुकसानदेह ही नुकसानदेह है, फायदेमंद कतई नहीं। बैंक या संस्थाएं दूसरों के धन पर ट्रेडिंग करती हैं और उन्हें इससे घाटा नहीं होता, बल्कि पक्का कमीशन मिलता है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी