चालू वित्‍त वर्ष 2011-12 में अप्रैल से जनवरी तक के दस महीनों में कुल प्रत्‍यक्ष कर वसूली 4,25,274 करोड़ रूपए रही है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान हुई 3,71,188 करोड़ रूपए की वसूली से 14.57 फीसदी अधिक है। इस दरम्यान अप्रत्यक्ष कर संग्रह 3,17,233 करोड़ रुपए रहा है जो पिछले वर्ष की समान अवधि की अपेक्षा 15.1 फीसदी ज्यादा है। वित्त मंत्रालय की तरफ से बुधवार को जारी जानकारी के मुताबिक, प्रत्यक्ष करोंऔरऔर भी

खाद्य, उर्वरक और पेट्रोलियम सब्सिडी के बोझ ने वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की रातों की नींद उड़ा दी है। वित्त मंत्री ने बुधवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित राज्यों के कृषि व खाद्य मंत्रियों के सम्मेलन में खुद यह बात कही। दो दिन का यह सम्मेलन लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली और भंडारण के मुद्दे पर बुलाया गया है। प्रणब मुखर्जी ने कहा, ‘‘वित्त मंत्री के तौर पर जब मैं विभिन्न मदों में दी जाने वाली भारी सब्सिडीऔरऔर भी

दार्जिलिंग चाय को भी इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के लिए बेचने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी। लेकिन इससे पहले सॉफ्टवेयर की कुछ दिक्कतों को दूर करना होगा। कोलकाता चाय व्यापारी संघ (सीटीटीए) ने बुधवार को यह जानकारी दी है। चाय व्यापारी संघ की अध्यक्ष संगीता किचलू ने कोलकाता में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा् कि दार्जिलिंग चाय की इलेक्ट्रॉनिक नीलामी को अभी तक पेश नहीं किया गया है क्योंकि इस उत्पाद का मानकीकरण नहीं किया जाऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने सिंगापुर में बैठकर भारत में सर्वे के नाम पर जालबट्टा फैलानेवाली कंपनी स्पीक एशिया को निर्देश दिया है कि वह दो हफ्ते के भीतर 1300 करोड़ रुपए उसके पास जमा करा दे। साथ ही कंपनी को निवेशकों की पूरी जानकारी भी अदालत को सौंपनी होगी। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दलवीर भंडारी और दीपक वर्मा की खंडपीठ ने मंगलवार को करीब 115 निवेशकों के एक समूह की याचिका पर यह फैसला सुनाया। सुनवाई के बाद कोर्टऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी सरकार को उन 500 से ज्यादा कंपनियों के नाम उपलब्ध कराएगी जिन्होंने सामूहिक निवेश योजना (सीआईएस) के नियमों को तोड़ते हुए निवेशकों से भारी धन जुटाया है। सेबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट (पीटीआई) के संवाददाता को बताया कि ऐसी कंपनियों के निदेशकों के नाम भी कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) को दिए जाएंगे ताकि इन कंपनियों और लोगों को किसी नई कंपनी के साथ जुड़ने से रोका जाऔरऔर भी

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के सत्ता में आने की संभावनाएं बेहतर दिखने लगीं तो अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की कंपनियों के शेयर चमाचम हो उठे। बाजार भी नई ऊंचाई पर बंद हुआ। लेकिन मैं ही नहीं, समूचा बाजार इस तेजी को लेकर आश्वस्त नहीं है। इसी आश्वस्त न होने के चक्कर में वो तमाम ट्रेडर जो निफ्टी के 5200 के स्तर से ही शॉर्ट हुए पड़े हैं, अब भारी दबाव महसूस करने लगे हैं। हमारी टीमऔरऔर भी

सारा खेल गणनाओं और सही समय पर सही सूचनाओं को पकड़ने का है। याद करें 24 जनवरी को हमने कहा था – जागरण में 10% बस 10-15 दिन में। उसके एक दिन पहले 23 जनवरी को जागरण प्रकाशन का शेयर बीएसई में 98.15 रुपए पर बंद हुआ था। हमने कहा था कि यह 110 रुपए को पार कर सकता है। कल, 7 फरवरी को हमारे लिखे को 14 दिन ही पूरे हुए और जागरण का शेयर 114.50औरऔर भी

एक हम ही तुर्रमखां नहीं हैं यह काम करनेवाले। दूसरे भी बहुत-से हैं जो इसी वक्त यह काम बड़ी शिद्दत से कर रहे होंगे। यह सोच एक तो हमारा गुमान तोड़ती है। दूसरे अकेलेपन की घबराहट भी मिटा देती है।और भीऔर भी