प्रत्यक्ष कर 14.57% तो परोक्ष कर 15.1% बढ़ा

चालू वित्‍त वर्ष 2011-12 में अप्रैल से जनवरी तक के दस महीनों में कुल प्रत्‍यक्ष कर वसूली 4,25,274 करोड़ रूपए रही है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान हुई 3,71,188 करोड़ रूपए की वसूली से 14.57 फीसदी अधिक है। इस दरम्यान अप्रत्यक्ष कर संग्रह 3,17,233 करोड़ रुपए रहा है जो पिछले वर्ष की समान अवधि की अपेक्षा 15.1 फीसदी ज्यादा है।

वित्त मंत्रालय की तरफ से बुधवार को जारी जानकारी के मुताबिक, प्रत्यक्ष करों में कॉरपोरेट करों की कुल वसूली में 11.87 फीसदी (पिछले वर्ष के 2,55,514 करोड़ रूपए की तुलना में 2,85,837 करोड़ रूपए), व्‍यक्तिगत आयकर वसूली में 20.43 फीसदी (पिछले वर्ष के 1,15,192 करोड़ रूपए की तुलना में 1,38,730 करोड़ रूपये) की वृद्धि हुई। शुद्ध प्रत्‍यक्ष कर वसूली 3,46,959 करोड़ रूपए हुई है, जो पिछले वित्‍त वर्ष की इसी अवधि में हुई 3,17,500 करोड़ रूपए की वसूली की तुलना में 9.28 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाती है।
इसी तरह संपत्ति कर में वृद्धि 45.11 फीसदी (470 करोड़ रूपए की तुलना में 682 करोड़ रूपए) रही। लेकिन प्रतिभूति करोबार कर (एसटीटी) की वसूली  27.19 फीसदी (5693 करोड़ रूपये की तुलना में 4145 करोड़ रूपये) घट गई।

अप्रत्यक्ष करों में इस साल अप्रैल-जनवरी के दौरान सीमा शुल्क संग्रह में 12.7 फीसदी (1,10,109 करोड़ से 1,24,063 करोड़), केंद्रीय उत्पाद शुक्ल संग्रह में 6.8 फीसदी (1,10,277 करोड़ से 1,17,730 करोड़) और सर्विस टैक्स में 36.9 फीसदी (55,121 करोड़ से 75,440 करोड़ रुपए) वृद्धि दर्ज की गई। केंद्रीय उत्पाद व सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) का कहना है कि जनवरी तक बजट आकलन का लगभग 80.74 फीसदी भाग हासिल किया जा चुका है। इस हिसाब से सीबीईसी पूरे वित्त वर्ष में 3,92,902 करोड़ रुपए का लक्ष्य हासिल कर लेगा।

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