एक चक्र है जो अनवरत चलता रहता है। समय की घड़ी में कोई चाभी भरने की जरूरत नहीं। न ही उसमें नई बैटरी लगानी पड़ती है। समय के साथ हर चीज परिपक्व होती है। पेड़-पौधों से लेकर इंसान और ज्ञान व परंपरा तक। अप्रैल में इस कॉलम को दो साल पूरे हो जाएंगे। नहीं पता कि यहां दिया जा रहा ‘अर्थ’ आपके कितने ‘काम’ का बन पाया है। इसे तो आप ही बेहतर बता सकते हैं। हां,औरऔर भी

जहां कुछ करने के लिए कुछ न करनेवालों की मंजूरी लेनी पड़े, जहां बिचौलियों की मौज और रिश्वत का बोलबोला हो, जहां कानून भी उन्हें ही बचाता हो, वैसे तंत्र का नाश आज नहीं तो कल अवश्यसंभावी है।और भीऔर भी

सुप्रीम कोर्ट में जिस कंपनी की पैरवी देश के पूर्व सोलिसिटर जनरल हरीश साल्वे और कांग्रेस के प्रवक्ता व जानेमाने वकील अभिषेक मनु सिंघवी कर रहे हों, उसका जीतना कोई मुश्किल नहीं था। वह भी तब, जब मामला किसी विदेशी कंपनी का हो और हमारी सरकारी विदेशी निवेश को खींचने के लिए बेताब हो। इन दोनों प्रख्यात वकीलों की तगड़ी पैरवी की बदौलत वोडाफोन ने सुप्रीम कोर्ट में वह मामला जीत लिया जिसमें उसे पहले बॉम्बे हाईकोर्टऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट में सहारा समूह और पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी का मुकदमा लंबा खिंचता जा रहा है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की दो कंपनियों – सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन (वर्तमान नाम – सहारा कमोडिटी सर्विसेज कॉरपोरेशन) और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन से कहा है कि वे तीन हफ्ते में तय कर लें कि ओएफसीडी (ऑप्शनी फुली कनवर्टिबल डिबेंचर) के 2.3 करोड़ निवेशकों के धन को कैसे सुरक्षित करेंगी। इनमें से अधिकांश निवेशकऔरऔर भी

रिलायंस इंडस्ट्रीज के निदेशक बोर्ड ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुरूप शुक्रवार को कंपनी के 12 करोड़ शेयर वापस खरीदने का फैसला कर लिया। शेयरों को वापस खरीदने का अधिकतम मूल्य 870 रुपए प्रति शेयर रखा गया है। यह मूल्य शुक्रवार, 20 जनवरी को एनएसई में शेयर के बंद भाव 792.65 रुपए से 9.76 फीसदी ज्यादा है। कंपनी ने तय किया है कि वह खुले बाजार से अपने शेयरों की इस वापस-खरीद या बायबैक पर ज्यादा सेऔरऔर भी

देश में बाजार पूंजीकरण के लिहाज से सबसे बड़ी कंपनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के दिसंबर तिमाही के नतीजों का अंदाज लगाने में विश्लेषकों व बाजार ने कोई गच्चा नहीं खाया। बल्कि, शुद्ध लाभ उनके अनुमान से भी बदतर रहा है। अधिकांश विश्लेषकों का अनुमान था कि कंपनी का शुद्ध लाभ 4500 से 4800 करोड़ रुपए रहेगा। लेकिन हकीकत में कंपनी का शुद्ध लाभ 4440 करोड़ रुपए रहा है। यह साल भर पहले की दिसंबर तिमाही में हुएऔरऔर भी

उम्मीद के मुताबिक 5050 पर पहुंचकर निफ्टी की सांस फूलती नजर आई। जाने को वह सवा तीन बजे के आसपास ऊपर में 5064.15 तक चला गया। पर बंद हुआ 0.60 फीसदी की बढ़त के साथ 5048.60 पर। वैसे, यह अब भी 5140 तक जा सकता है। लेकिन अगर यह सीधे-सीधे वहां तक चला गया तो बाजार में लांग बने रहने का कोई तुक नहीं रहेगा क्योंकि करेक्शन के बिना कोई अच्छी चीज टिकती नहीं है। मेरा तर्कऔरऔर भी

इंडसइंड बैंक, लगता है जैसे सीधे सिंधु घाटी सभ्यता से निकला चला आ रहा हो। ऊपर से हिंदुजा समूह से वास्ता। 1994 में शुरुआत हुई अनिवासी भारतीयों से जुटाई गई 100 करोड़ रुपए की पूंजी के साथ, जिसमें से 60 करोड़ रुपए प्राइवेट प्लेसमेंट और बाकी 40 करोड़ रुपए सीधे सहयोग से आए। बैंक लगातार बढ़ रहा है। बड़े ग्राहकों के चुनिंदा समूहों को पकड़ने की उसकी रणनीति है। मसलन, देश के दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों बीएसईऔरऔर भी

जनता के धन की लूट भ्रष्टाचार है और जनता के धन से सरकार की तिजोरी भरती है जिसे जन-प्रतिनिधि ही लूटते हैं। ऐसे में ये प्रतिनिधि कैसे जनता के सच्चे प्रतिनिधि और ये लूटतंत्र लोकतंत्र कैसे हो सकता है?और भीऔर भी

इधर सरकार मीडिया को लेकर कुछ ज्यादा ही सक्रिय हो गई है। एक तरफ संचार मंत्री कपिल सिब्बल गूगल से लेकर फेसबुक जैसे इंटरनेट माध्यम को लेकर भिड़े पड़े हैं, दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रिंट माध्यम में पेड न्यूज़ के बढ़ते सिलसिले पर चिंता जताई है। एक अन्य विकासक्रम में सरकार ने एनडीटीवी इंडिया से लंबे समय से जुड़े पत्रकार पंकज पचौरी को प्रधानमंत्री कार्यालय में सूचना सलाहकार नियुक्‍त कर दिया है। उनकी नियुक्ति तत्‍कालऔरऔर भी