माइक्रो-ब्लॉगिंग की साइट ट्विटर ने इंटरनेट सिक्यूरिटी फर्म डैजिएंट को खरीद लिया है। लेकिन अभी तक यह खुलासा नहीं हुआ है कि यह सौदा कितने में हुआ है। डैजिएंट का गठन 2008 में किया गया था और वह मैलवेयर से लेकर ऑनलाइन सुरक्षा में सेंध लगानेवाली समस्याओं को सुलझाने का काम करती है। ट्विटर के बारे में आप जानते ही हैं। 2006 में बनी यह कंपनी अपने 140 कैरेक्टर के संक्षिप्त संदेशों के दम पर इतनी मशहूरऔरऔर भी

दुनिया में इस समय हर तीन में से एक कामगार या तो बेरोजगार है या इतना नहीं कमा पाता कि ठीक से जीवनयापन कर सके। इस तरह दुनिया की कुल 3.3  अरब श्रमशक्ति में में ऐसे बेरोजगार या गरीब कामगारों की संख्या लगभग 1.1 अरब है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने जिनेवा में जारी अपनी ताजा सालाना रिपोर्ट ‘ग्लोबल एम्प्लॉयमेंट ट्रेंड्स 2012’ में यह बात कही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारों के तमाम प्रयासोंऔरऔर भी

नए साल के पहले दिन, 1 जनवरी 2012 को देश में 1.11 करोड़ ऐसे मतदाता बनाए गए हैं जिनकी उम्र 18 से 19 वर्ष है। निर्वाचन आयोग का कहना है कि यह पूरी दुनिया में किसी जगह एक दिन में युवाओं के सबसे बड़े सशक्‍तीकरण को लक्षि‍त करता है। इस साल यह संख्‍या दोगने से भी अधि‍क है। पि‍छले साल 52 लाख युवा मतदाता बनाए गए थे, जि‍न्‍होंने 18 वर्ष की आयु पा ली थी। यह मतदाताऔरऔर भी

रिजर्व बैंक गवर्नर डॉ. दुव्वरि सुब्बाराव ने संकेत दिया है कि आगे ब्याज दरों में कटौती हो सकती है। मौद्रिक की अगली मध्य-तिमाही समीक्षा गुरुवार 15 मार्च को होनी है और शायद यह कटौती उसी दिन से शुरू हो जाए। तब तक संभवतः नए वित्त वर्ष 2012-13 का आम बजट भी आ चुका होगा। डॉ. सुब्बाराव ने मंगलवार को मौद्रिक नीति की तीसरी तिमाही की समीक्षा पेश करने के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, “सीआरआर मेंऔरऔर भी

ज्यादातर रोल्स कल से होना शुरू हो गए हैं। यूं तो रोलओवर का सच बाजार के और बढ़ने की इजाजत नहीं देता। लेकिन बाजार बढ़ा जा रहा है। तमाम कंपनियों के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। बहुत से स्टॉक्स दिसंबर तिमाही के खराब नतीजों के बावजूद नहीं गिर रहे हैं। इसका मतलब यही हुआ कि बाजार खुद को जमा रहा है। यह लंबे समय के लिए बड़ा शुभ लक्षण है। रिजर्व बैंक ने उम्मीद के मुताबिक ब्याज दरोंऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने मौद्रिक की तीसरी त्रैमासिक समीक्षा में ब्याज दरों को जस का तस रखा है, लेकिन नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) को आधा फीसदी घटाकर 6 से 5.5 फीसदी कर दिया है। दूसरे शब्दों में बैंकों को अब अपनी कुल जमा का 6 फीसदी नहीं, बल्कि 5.5 फीसदी हिस्सा ही रिजर्व बैंक के पास रखना होगा। यह फैसला 28 जनवरी 2012 से शुरू हो रहे पखवाड़े से लागू हो जाएगा। ध्यान दें कि सीआरआर में आधाऔरऔर भी

मैं कोई लंबी-चौड़ी बात नहीं करता। क्या करूं! लंबी नहीं, छोटी नजर है अपनी। साल-दो साल भी नहीं, दस-पंद्रह दिन की सोचता हूं। किसी की टिप्स नहीं, ठोस खबरों पर काम करता हूं। इन्हीं के आधार पर आपको बता रहा हूं कि जागरण प्रकाशन में तेजी आनेवाली है। इसका शेयर दस-पंद्रह दिन में 110 रुपए को पार कर सकता है। यानी, इसमें खटाखट दस फीसदी तक का रिटर्न मिल सकता है। पांच फीसदी तो कहीं नहीं गया।औरऔर भी

हम धारणा पहले बना लेते हैं। फिर तथ्यों को उसमें फिट कर देते हैं। यह सोच अवैज्ञानिक है। हमें अपनी सोच को नए सिरे से ढालना होगा ताकि मान्यताओं के बजाय हम तथ्यों को तरजीह देना सीख सकें।और भीऔर भी