दिसंबर की मुद्रास्फीति के आधिकारिक आंकड़े अगले हफ्ते के पहले दिन 16 जनवरी को आएंगे। लेकिन ज्यादातर विशेषज्ञों का यह मानना है कि यह दर 7.5 फीसदी पर आ जाएगी और रिजर्व बैंक मार्च के अंत तक इसे 7 फीसदी पर लाने का लक्ष्य आराम से हासिल कर लेगा। वैश्विक स्तर की वित्तीय सेवा कंपनी क्रेडिट सुइस का तो मानना है कि यह घटकर 6.5 फीसदी पर आ जाएगी और अगले साल 2013 तक नीची ही बनीऔरऔर भी

आम बजट की तारीख का फैसला भले ही अब तक न हुआ हो, लेकिन उसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है। 2012-13 के बजट की तैयारी के सिलसिले में वि‍त्‍त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को कृषि क्षेत्र के नुमाइंदों के साथ मुलाकात की। यह बजट पर विचार-विमर्श के लिए की गई पहली बैठक थी। बैठक में वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि हमारी कार्य-शक्ति के 58 फीसदी हिस्से को रोजगार देता है। यह आंकड़ा काफी अहमऔरऔर भी

सरकार ने राष्‍ट्रीय भूमि‍ रि‍कॉर्ड आधुनि‍कीरण कार्यक्रम (एनएलआरएमपी) को शुरू करने के तीन साल बाद इसके अंतर्गत तीन केंद्र बनाने को मंजूरी दे दी है। ये केंद्र पश्‍चि‍म बंगाल के सालबोनी, संघशासित क्षेत्र पुडुचेरी और उड़ीसा के बेरहामपुर में खोले जाएंगे। अभी चल रहे वित्त वर्ष 2011-12 में हरेक केंद्र के लि‍ए 196 लाख रुपए मंजूर कि‍ए गए हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय का दावा है कि मंजूरी मि‍लने के दि‍न से साल भर के अंदर ये केंद्रऔरऔर भी

आप सभी से हमारी विनम्र गुजारिश है कि बाजार के तमाम मध्यवर्तियों की तरफ से बिना वजह किए जानेवाले डाउनग्रेड व अपग्रेड को लेकर बहुत चौकन्ने रहें। जैसे, बाजार कल और आज मूडीज द्वारा भारत की विदेशी मुद्रा रेटिंग को अपग्रेड करने पर बहक गया। हकीकत यह है कि भारत सरकार के बांडों की रेटिंग मूडीज ने पिछले महीने 20 दिसंबर को ही बढ़ा दी थी। इसलिए, रुपया जब पिछले छह महीनों में डॉलर के सापेक्ष करीब-करीबऔरऔर भी

शेयर बाजार किसी भी आस्ति वर्ग से ज्यादा रिटर्न देनेवाला माध्यम है। यहां निवेश करने के दो ही रास्ते हैं। एक, अपनी रिसर्च के दम पर सीधे शेयरों को चुनकर निवेश करना और दो, म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश करना। अगर आप अपनी रिसर्च नहीं कर सकते तो आपके लिए एकमात्र रास्ता म्यूचुअल फंडों की इक्विटी स्कीमों का है। वैसे, अपने स्तर पर रिसर्च मुश्किल नहीं है। हम इस कॉलम के जरिए यही साबित करने और सिखानेऔरऔर भी

हम भगवान को मानना बंद कर दें तो बाबाओं की ही नहीं, नेताओ व अभिनेताओं तक की दुकान बंद हो जाए। भगवान तो शक्तिहीन मूरत है, जबकि उसके नाम पर असली शक्ति इन कलाबाजों को मिलती है।  और भीऔर भी