एक तरफ हम भारतीय सोने के लगातार बढ़ते दाम से लहूलोट हुए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पता चला है कि दुनिया में सोने के सबसे बड़े खिलाड़ी और हेज फंज मैनेजर जॉन पॉलसन ने जुलाई से सितंबर की तिमाही के दौरान सोने की होल्डिंग एक तिहाई खाली कर दी है। इस खबर ने मंगलवार को दुनिया में सोने के बाजार पर थोड़ा नकारात्मक असर डाला है। सोमवार देर शाम अमेरिका की नियामक संस्था को दीऔरऔर भी

कमजोर होती यूरोप मुद्रा यूरो और देश के भीतर कॉरपोरेट क्षेत्र व तेल कंपनियों की तरफ से डॉलर की मांग बढ़ती जा रही है तो रुपया गिरता चला जा रहा है। मंगलवार को एक डॉलर 50.76 रुपए का हो गया है जो 31 मार्च 2009 के बाद के 32 महीनों में रुपए का सबसे कमजोर स्तर है। सोमवार को यह डॉलर के सापेक्ष 50.285/295 रुपए पर बंद हुआ था। मंगलवार को रिजर्व बैंक की संदर्भ दर 50.5645औरऔर भी

सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ऑयल इंडिया में अगले वित्त वर्ष के दौरान 10% हिस्सेदारी बेच सकती है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमें फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर के लिए तैयार रहने को कहा गया है। फिलहाल ऑयल इंडिया की इक्विटी में सरकार की 78.4% हिस्सेदारी है। ऑयल इंडिया का विनिवेश सरकार द्वारा तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की 5% हिस्सेदारी बेचने के बाद किया जाएगा। ओएनजीसी के शेयरों की बिक्री दिसंबर में होनेऔरऔर भी

ऑस्ट्रेलिया की प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड ने भारत को यूरेनियम के निर्यात पर लगी रोक हटाने की पेशकश की है। गिलार्ड का कहना है कि अब वक्त आ गया है जब पुरानी स्थिति बदल दी जानी चाहिए। सिडनी में अगले महीने होने जा रहे लेबर पार्टी के सालाना सम्मेलन में इस मुद्दे पर चर्चा होगी और माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नीतियों में बदलाव के लिए सहमति हासिल कर लेंगी। मंगलवार को मेलबर्न पत्रकारों से बातचीत मेंऔरऔर भी

household investments equity

इस समय देश के भीतर और दुनिया के वित्तीय बाजारों में जैसी अनिश्चितता चल रही है, उसकी वजह से भारतीयों ने शेयर बाजार में निवेश बेहद घटा दिया है। वैश्विक स्तर की निवेश व सलाहकार फर्म मॉरगन स्टैनले की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक चालू साल 2011 में भारतीय लोगों ने अपनी कुल आस्तियों का बमुश्किल 4 फीसदी इक्विटी बाजार में लगा रखा है। रिपोर्ट बताती है कि पिछले चालीस सालों में इतना कम निवेश केवल दोऔरऔर भी

कल बाजार का कुल कारोबार एकबारगी 35 फीसदी घट गया तो हर कोई अचकचा गया। एक ही सत्र की झलक देखकर बाजार के सभी खिलाड़ी शॉर्ट सेलिंग पर उतारू हो गए। खुद मैं भी इतना कम वोल्यूम देखकर गच्चा खा गया और मैंने लिख दिया कि निफ्टी नीचे में 5010 तक जा सकता है। आज बाजार गिरा भी जमकर। निफ्टी 1.55 फीसदी गिरकर 5068.50 पर बंद हुआ। हालांकि दिन में इससे भी नीचे 5052.85 तक चला गयाऔरऔर भी

इंजीनियर्स इंडिया। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी जिसमें भारत सरकार की हिस्सेदारी 80.40 फीसदी है। पिछला एफपीओ (फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर) सवा साल भर पहले जुलाई 2010 में आया था। अगला एफपीओ भी देर-सबेर आएगा क्योंकि सरकार की हिस्सेदारी को घटाकर 75 फीसदी तक लाना जरूरी है। लेकिन अच्छी कंपनी के शेयर सस्ते में पाने की तमन्ना में उस्ताद लोग तब तक सरकारी कंपनियों के स्टॉक को दबाकर रखते हैं जब तक उनमें पब्लिक इश्यू की गुंजाइश बची रहतीऔरऔर भी

आदतों को मोड़ना बड़ा कठिन है, लेकिन बेहद आसान भी। ऊपर से ठोंक-ठोंककर मनाएंगे, आदत जाने का नाम नहीं लेगी। लेकिन अंदर से ज़रा-सा इशारा करेंगे तो टनों का पूरा इंजिन मुड़ता चला जाएगा।और भीऔर भी