इस समय पेट्रोल के मूल्य का 38.2% हिस्सा केंद्र व राज्य सरकारों के टैक्स का है। जैसे, दिल्ली में पेट्रोल का दाम 68.64 रुपए है जिसमें से 26.22 रुपए सरकारी टैक्सों के हैं। अभी अंतरराष्ट्रीय दाम के हिसाब से कंपनियों की तरफ से तय पेट्रोल का आधार मूल्य 41.38 रुपए है। इस पर 3% शिक्षा अधिभार को मिलाकर केंद्र को प्रति लीटर 14.78 रुपए की एक्साइज ड्यूटी मिलती है, जबकि दिल्ली सरकार को वैट के रूप मेंऔरऔर भी

पिछले कुछ दिनों से भारतीय शेयर बाजार में तेजी का क्रम जमने लगा तो मंदी के खिलाड़ियों ने अपनी पकड़ बनाने के लिए रिसर्च रिपोर्टों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। भारत में सक्रिय जर्मन बैंक, डॉयचे बैंक ने एक ताजा रिपोर्ट जारी कर कहा है कि अगर अगले वित्त वर्ष 2012-13 में भारत के जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) या अर्थव्यवस्था की विकास दर 7 फीसदी पर आ गई तो बीएसई सेंसेक्स गिरकर 14,500 अंक परऔरऔर भी

उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ने का राज्य समर्थित मूल्य (एसएपी) 40 रूपए प्रति क्विंटल बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री मायावती की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया। अब सामान्य किस्म के गन्ने की बढ़ी कीमत 240 रुपए, अच्छे किस्म के गन्ने के लिए 250 रुपए और अन्य किस्म के गन्ने की कीमत 235 रुपए प्रति क्विंटल हो जाएगी। इस फैसले की घोषणा करते हुए खुद मुख्यमंत्री मायावती ने लखनऊ में बताया कि निजी चीनीऔरऔर भी

पता नहीं कि यह निर्यात के आंकड़ों की अप्रत्याशित तेजी पर उठे संदेह का नतीजा है या यूरोपीय देशों में छाए संकट का परिणाम, लेकिन ताजा सूचना यह है कि अक्टूबर महीने में देश से हुआ निर्यात साल भर पहले से मात्र 10.8 फीसदी बढ़ा है। यह दो सालों के दौरान निर्यात में हुई सबसे कम वृद्धि दर है। इससे पहले अक्टूबर 2009 में हमारा निर्यात 6.6 फीसदी घट गया था। लेकिन उसके बाद से हर महीनेऔरऔर भी

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में डेरिवेटिव ट्रेडिंग धीरे-धीरे जोर पकड़ती जा रही है। दो महीने पहले तक महज लाखों में रहनेवाला कारोबार अब 1000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर गया है। बीएसई से मिली आधिकारिक सूचना के अनुसार मंगलवार, 8 नवंबर को एक्सचेंज में हुआ डेरिवेटिव कारोबार 1054.45 करोड़ रुपए रहा है। यह वोल्यूम 107 ब्रोकरों के जरिए हुए 39,055 सौदों से हासिल हुआ है। डेरिवेटिव सेगमेंट में आई जान एक्सचेंज द्वारा 28 सितंबर से शुरूऔरऔर भी

यह हफ्ता छुट्टियों के चलते काफी छोटा है। शेयर बाजार में कुल तीन दिन ही ट्रेडिंग होनी है। बुधवार व शुक्रवार। बस दो दिन और। फिर अगले हफ्ते के एकदम शुरू में ही कंपनियों के तिमाही नतीजों के आने का सिलसिला थम हो जाएगा। लेकिन दुनिया के मंच पर घूम रही सारी बुरी खबरों के बीच एक ऐसी अच्छी खबर है जो हर तरफ शॉर्ट सौदों से भरे शेयर बाजार को चौंका सकती है और भारत इसकाऔरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति के ऊंचे स्तर को धंधे के नए अवसर में तब्दील किया जा सकता है। यह कहना है दुनिया की जानीमानी सलाहकार फर्म केपीएमजी की ताजा रिपोर्ट का। राजधानी दिल्ली में मंगलवार को आयोजित नौवें ज्ञान शताब्दी सम्मेलन (नॉलेज मिलेमियम समिट) में पेश इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे कुछ कंपनियों ने खाद्य वस्तुओं को प्रभावित करनेवाली मांग-आपूर्ति की चुनौती को नवोन्मेष के जरिए बिजनेस का मौका बना लिया है। इनके बिजनेस म़ॉडल सेऔरऔर भी

सपरिवार तीन दिन की छुट्टियां। शहर से बाहर, पास के दूसरे शहर में। घरवालों ने मना किया कि इन दिनों में काम नहीं करना। फिर भी लैपटॉप व एमटीएस का कनेक्शन साथ ले गया कि दिन में घंटे-दो घंटे काम कर ही लेंगे। लेकिन एमटीएस का कनेक्शन लाख जतन के बावजूद जुड़ न सका और मेरी झल्लाहट एमटीएस के विज्ञापन की वो छवियां बढ़ाती रहीं जो उसकी स्पीड का महिमागान करती हैं। समझ में आ गया किऔरऔर भी

अंश-अंश में सब सही। पर संपूर्ण आते ही भ्रम में पड़ जाते हैं कि आखिर कौन है सही, क्या है सही? बीच में झूलेंगे तो हमेशा भ्रमित रहेंगे, जबकि कोई पाल्हा पकड़ लेंगे तो सारा भ्रम भूत की तरह भाग जाएगा।और भीऔर भी