ग्रामीण विकास की सभी योजनाओं पर किए गए व्यय का ऑडिट कैग द्वारा कराया जाएगा। केन्द्रीय ग्रामीण विकास और पेयजल आपूर्ति व स्वच्छता मंत्री जयराम रमेश ने कहा है कि कैग के साथ व्यापक चर्चा के बाद यह सहमति बनी है। इन दोनों मंत्रालयों की सभी योजनाओं के तहत किए गए सारे खर्च का ऑडिट कैग (नियंत्रक व महालेखा परीक्षक) द्वारा की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह का ऑडिट केन्द्र सरकार द्वारा ग्रामीण विकास कार्यक्रमोंऔरऔर भी

भारत व अमेरिका समेत दुनिया की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के समूह जी-20 के नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) को और धन दिए जाने पर विचार किया ताकि वह खासतौर पर दिवालियापन के संकट का सामना कर रहे यूरोपीय देशों के लिए अधिक ऋण सहायता दे सके। ब्रिटेन ने वित्त मंत्री जार्ज आस्बोर्न ने गुरुवार यहां इन नेताओं की बैठक के बाद कहा कि चीन जैसे देशों ने इन प्रस्तावों में रुचि दिखाई। पर उन्होंने यह नहीं बतायाऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने शुक्रवार को कहा कि पेट्रोल की कीमतों में हाल की वृद्धि का मुद्रास्फीति पर कुछ असर पड़ेगा। सकल मुद्रास्फीति दहाई अंक के करीब पहंच चुकी है। उन्होंने राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि निश्चित रूप से मुद्रास्फीति पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ेगा। लेकिन तेल कीमतें ऊपर जा रही है और पेट्रोल नियंत्रण-मुक्त है। यह पूछे जाने पर कि कीमत वृद्धि को लेकर सरकार की सहयोगी दलों को अंधेरे में क्यों रखाऔरऔर भी

पेट्रोल की बढ़ती कीमत को लेकर सरकार के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस का गुस्‍सा सातवें आसमान पर आ गया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर बरसते हुए कहा कि उनकी पार्टी सिर्फ सरकार में मंत्रालयों के लिए आम आदमी पर बोझ बर्दाश्त नहीं करेगी। ममता ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस बहुमत में हैं इसलिए उनकी बात अनसुनी की जाती है। ममता ने यहऔरऔर भी

अण्णा हज़ारे उन्नीस दिनों का मौन व्रत तोड़ने के बाद शुक्रवार को फिर सरकार पर बीस पड़ते नजर आए। उन्होंने खुलकर कहा कि वे जनलोकपाल बिल न पारित होने पर वे कांग्रेस के खिलाफ चुनाव प्रचार करेंगे। कांग्रेस व बीजेपी के बारे में भी उन्होंने दो-टूक अंदाज में कहा कि एक भ्रष्टाचार में डॉक्टरेट कर ली है तो दूसरा इस मामले में पीएचडी हैं। शुक्रवार को सुबह राजधानी दिल्ली में महात्मी गांधी की समाधि राजघाट का दर्शनऔरऔर भी

यूरोप के मसले ने उन सभी निवेशकों व ट्रेडरों को चरका दे दिया जो उस बहस और शॉर्ट सेलिंग करते रहे। निफ्टी 4700 से सुधरता हुआ 5350 तक आ चुका है और अब 5500 के पार जाने को तैयार है। इसके आसपास पहुंचते ही टेक्निकल एनालिसिस के हिसाब से एफआईआई खरीद की भंगिमा अपना लेंगे क्योंकि 200 डीएमए (200 दिनों के मूविंग औसत) अभी 5406 है और बाजार के इसके ऊपर जाने पर आप शॉर्ट नहीं रहऔरऔर भी

अक्सर मुझे लगता है कि किसी खास शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह महज एक उकसावा भर होती है ताकि लोगों की दिलचस्पी बनी रहे और बाजार की खटर-पटर चलती रही। अनुमानों के पीछे कितना भी गणित गिनाया जाए, कुछ न कुछ पहलू छूट ही जाते हैं जिससे तीर निशाने पर नहीं लगता। जैसे साल भर पहले आज ही के दिन हमने फीनिक्स मिल्स पर एचडीएफसी सिक्यूरिटीज की रिसर्च रिपोर्ट के हवाले बताया था कि, “यहऔरऔर भी

अंदर या बाहर, कहीं से जड़ता से निकलने का मतलब है एक चुम्बकीय क्षेत्र को तोड़ना। इसके लिए या तो निरतंर घर्षण से नया चुम्बक पैदा करना पड़ता है, नहीं तो कोई बड़ा चुम्बक खींचकर लाना पड़ता है।और भीऔर भी