अब यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) की हिंदी वेबसाइट भी शुरू हो गई है। हिंदी दिवस इस वेबसाइट का उद्घाटन नंदन नीलेकणि ने किया। उन्‍होंने कहा कि यह वेबसाइट काफी व्‍यापक है और यूआईडीएआई पोर्टल का पूर्ण हिंदी अनुवाद है। उनका दावा है कि यह हिंदी पोर्टल मास्‍टर वेबसाइट का वाजिब अनुवाद है और यह हिंदी में अनूदित अन्‍य वेबसाइटों से भिन्न है। बता दें कि देश के हर नागरिक को अलग पहचान देने की इसऔरऔर भी

आईआईटी के छात्रों में आत्‍महत्‍या के बढ़ते मामलों की रोकथाम के लि‍ए सरकार ने एक टास्‍क फोर्स बनाने का फैसला किया है। इ‍समें अभि‍भावकों, शि‍क्षकों, पुराने छात्रों और प्रोफेशनल सलाहकारों को शामि‍ल कि‍या जाएगा। इसके गठन का जिम्मा आईआईटी परिषद का है। टास्क फोर्स की अध्‍यक्षता कि‍सी प्रतिष्ठित व्‍यक्‍ति ‍को दी जाएगी। टास्‍क फोर्स चार महीने में अपनी रि‍पोर्ट सौपेगी। बुधवार को आईआईटी दिल्ली के परिसर में परिषद की बैठक में तय किया गया। इसमें मानव संसाधनऔरऔर भी

खाद्य वस्तुओं के साथ मैन्यूफैक्चर्ड चीजों की महंगाई से थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर अगस्त में 9.78 फीसदी हो गई है। वित्त मंत्री का कहना है कि सरकार और रिजर्व बैंक मिलकर बढ़ती मुद्रास्फीति से निपट लेंगे। वित्त मंत्री की राय में देश में ऊंची मुद्रास्फीति का मुख्य कारण वैश्विक बाजार का दबाव है। मुखर्जी ने राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “मुद्रास्फीति दहाई अंक के करीब है। स्थिति पर सरकार कीऔरऔर भी

सरकार पेट्रोल के मूल्यों पर पिछले साल जून से ही अपना नियंत्रण हटा चुकी है और इसका फैसला अब नफे-नुकसान की बाजार शक्तियों के हिसाब से होता है। हमारे यहां पेट्रोलियम पदार्थों के दाम सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार से तय होते हैं क्योंकि देश में इनके मूल स्रोत कच्चे तेल की 78 फीसदी मांग आयात से पूरी की जाती है। यही नहीं, अंतरराष्ट्रीय मूल्य के अलावा रुपए की विनिमय दर भी पेट्रोल मूल्यों को प्रभावित करने लगी है।औरऔर भी

बाजार दो दिन की हिचकी के बाद फिर बढ़ गया। सेंसेक्स में 1.47 फीसदी तो निफ्टी में 1.45 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। लेकिन अभी यह कहना बहुत जल्दबाजी होगी कि बाजार सबसे निचले धरातल पर पहुंचने के बाद उठने लगा। हालांकि न्यूनतम स्तर पर पहुंचने के संकेत साफ नजर आने लगे हैं। निवेशक समुदाय एक तरफ से केवल पुट ऑप्शन यानी बेचने के अधिकार वाले ऑप्शन ही खरीद रहा है। इस महीने इस तरह केऔरऔर भी

दवा एक ऐसी चीज है जिस पर गरीब से गरीब आदमी भी खर्च करने में कोताही नहीं करता। इसीलिए दवा उद्योग लगातार बढ़ता रहता है। इस पर किसी भी तरह की मंदी की आंच नहीं आती। ऐसे में जमी-जमाई दवा कंपनियों में निवेश करना लंबे समय के लिए सुरक्षित और लाभप्रद माना जाता है। विविमेड लैब्स बीस सालों से ज्यादा पुरानी ऐसी ही कंपनी है। जुलाई 2005 में उसका पब्लिक इश्यू आया था जिसमें उसके दस रुपएऔरऔर भी

भाषण लफ्फाजी में कब बदल जाते हैं, इसका पता बोलनेवालों को नहीं चलता, लेकिन सुननेवाले ताड़ लेते हैं। नेताओं को मालूम हो कि क्रिया से दूर ज्ञान और करनी से दूर कथनी ज्यादा नहीं चलती।और भीऔर भी