बिहार में अब पहले से थोड़े ज्यादा लोग अब शहरों में रहने लगे हैं। 2001 तक राज्य की आबादी का 10.50 फीसदी हिस्सा शहरों में रहता था, जबकि 2011 में यह आंकड़ा बढ़कर 11.30 फीसदी हो गया है। लेकिन दस साल में मात्र 80 आघार अंकों या 0.80 फीसदी की वृद्धि से लगता है कि वहां शहरीकरण का सिलसिला एकदम कच्छप गति से चल रहा है। बिहार के जनगणना निदेशालय में संयुक्त सचिव ए के सक्सेना नेऔरऔर भी

कृषि मंत्रालय की तरफ से मिली ताजा जानकारी के अनुसार देश भर में अब तक 209.93 लाख हेक्टयर रकबे में धान की रोपाई हो चुकी है। पिछले साल की इसी तिथि की तुलना में इस साल धान की रोपाई में 10.11 लाख हेक्‍टेयर की वृद्धि हुई है। इस साल मध्‍य प्रदेश, उत्‍तर प्रदेश, तमिलनाडु, बिहार और छत्‍तीसगढ़ में सबसे अधिक धान की खेती की गई है। मोटे अनाजों की बुवाई इस साल 151.88 हेक्‍टेयर में की गयीऔरऔर भी

लोकपाल विधेयक, 2011 लोकसभा में 3 अगस्त तक पेश किया जाएगा। संसदीय कार्य मंत्री पी के बंसल ने कहा है कि संसद भवन में मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकपाल विधेयक सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है और उसे लोकसभा में पहले तीन दिनों में पेश किया जाएगा। संसद का वर्ष 2011 का मानसून सत्र (पन्द्रहवीं लोकसभा का आठवां सत्र और राज्य सभा का 223वां सत्र) सोमवार, 1 अगस्‍त से शुरू हो रहा है औकऔरऔर भी

एक हफ्ते देरी से ही सही, नए ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने शुक्रवार, 29 जुलाई को भूमि अधिग्रहण व पुनर्वास पर नया विधेयक सार्वजनिक बहस के लिए पेश कर दिया। उन्होंने मंत्री बनने के एक दिन बाद 13 जुलाई को एक हफ्ते में ऐसा कर देने की बात कही थी। विधेयक मंत्रालय की वेबसाइट पर रख दिया गया है, जिस पर कोई भी अपनी प्रतिक्रिया 31 अगस्त तक भेज सकता है। अंतिम विधेयक को संसद केऔरऔर भी

निफ्टी और सेंसेक्स दोनों लगभग सपाट। लेकिन बाजार में छाई निराशा का कोई अंत नहीं है। ट्रेडर हलकान हैं। निवेशक अपनी गाढ़ी कमाई को लेकर परेशान हैं। वे तमाम ऐसी कंपनियों में कसकर फंस चुके हैं, जिनके शेयर अच्छे फंडामेंटल्स के बावजूद उनकी खरीद के भाव से नीचे ही नीचे चल रहे हैं। दरअसल, बाजार अपना मूल चरित्र खो चुका है और उस पर सट्टेबाजी और जोड़तोड़ हावी हो गई है। हालत यह है कि आज बोगसऔरऔर भी

मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने स्पीक एशिया ऑनलाइन के भारत स्थित मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) तारक बाजपेयी को गिरफ्तार कर लिया है और वे फिलहाल पुलिस की हिरासत में हैं। तारक बाजपेयी को शुक्रवार को भोर होने से पहले रात में दो बजे मध्य प्रदेश के शहर इंदौर में गिरफ्तार किया गया। उसके बाद उन्हें मुंबई ले लाया गया। बाजपेयी के अलावा कंपनी के तीन वेंडरों या एजेंटों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिसऔरऔर भी

सीधी रेखा नहीं, लहरों की तरह चलते हैं शेयरों के भाव। 4 अक्टूबर 2010 को हमने पहली बार जब यूं ही चलते-चलते ग्लेनमार्क फार्मा का जिक्र छेड़ा था, तब यह 311.70 रुपए पर था। करीब दो महीने बाद 7 दिसंबर 2010 को 389.75 रुपए के शिखर पर चला गया। लेकिन करीब ढाई महीने बाद ही 28 फरवरी 2011 को 241.60 रुपए की घाटी में जा गिरा। अभी 16 मई 2011 को हमारे चक्री भाई ने जब इसेऔरऔर भी

हम किसी को या तो पूरा सही मान लेते हैं या एकदम खारिज कर देते हैं। या तो हां या न। खटाखट नतीजों पर पहुंचने की जल्दी में रहते हैं हम। लेकिन खुद के विकास के लिए यह अतिवादी ढर्रा ठीक नहीं है।और भीऔर भी