केन्द्रीय कपडा मंत्री दयानिधि मारन भी 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट की निगाह में आ गए हैं। कोर्ट की निगरानी में मामले की जांच कर रही एजेंसी, सीबीआई ने 71 पेज की एक नई रिपोर्ट कोर्ट में पेश की है। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2004 से 2007 के दौरान जब मारन दूरसंचार मंत्री थे, उस समय एयरसेल के प्रवर्तक सी शिवशंकरन पर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी मलयेशिया के मैक्सिसऔरऔर भी

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री के वी थॉमस ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत आवंटित खाद्यान्न के उठाव और इनके सुरक्षित भंडारण की समीक्षा करने के लिए अपने मंत्रालय के अधिकारियों को अगले दो-तीन हफ्तों में राज्यों का दौरा करने का निर्देश दिया है। अपर सचिव और संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को राज्यवार जिम्मेदारी दी गई है और उनसे जिलेवार समीक्षा करने को कहा गया है। उन्हें यह भी निर्देश दिया है किऔरऔर भी

विश्व बैंक ने भारत में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका परियोजना (एनआरएलपी) के लिए एक अरब डॉलर (करीब 4500 करोड़ रुपए) का ऋण मंजूर किया है। विश्व बैंक का कहना है कि इस राशि से हाल ही में शुरू हुए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन पर अमल ज्यादा अच्छी तरह से हो सकेगा। यह मिशन दुनिया में सबसे बड़े गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों में से एक है। करीब 7.7 अरब डॉलर के इस मिशन का लाभ लगभग 35 करोड़ लोगों कोऔरऔर भी

2011 की जनगणना के अनुसार देश की 121 करोड़ की आबादी का 56.9% हिस्सा 15 से 59 साल यानी काम करने की उम्र का है। 60 साल या इससे ऊपर की आबादी का अनुपात 7.5% है। बाकी 35.6% बच्चे हैं 15 साल से कम उम्र के। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी कहते हैं कि अगले तीस सालों में देश में दूसरों पर निर्भर रहनेवालों का अनुपात तेजी से घटेगा। अगले बीस सालों में कामकाजी आबादी तेजी से बढ़ेगीऔरऔर भी

सेबी के कार्यकारी निदेशक जे एन गुप्ता ने अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए गए एक इंटरव्यू में भारतीय पूंजी बाजार नियामक संस्था को अमेरिका जैसे विकसित पूंजी बाजार की नियामक संस्था से बेहतर बताया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या सेबी का भारतीय बाजार पर अमेरिका के एसईसी (सिक्यूरिटीज एक्सचेंज कमीशन) की तुलना में ज्यादा नियंत्रण है तो उनका कहना था – यकीकन। श्री गुप्ता का कहना था कि सेबी ने तमाम ऐसे उपाय करऔरऔर भी

बाजार अगर थोड़ा इधर-उधर हो भी रहा है तो चिंता करने की कोई बात नहीं। यह बाजार के जमने का दौर है। अभी वह जितना ज्यादा खुद को जमाएगा, उतना ही ज्यादा उसके तेजी से उठने के आसार बढ़ जाएंगे। अगर निफ्टी 5500 के नीचे जाता है, तभी मंदी की धारणा पालिए और अगर यह 5780 को पार कर जाता है तो जबरदस्त तेजी के मूड में आ जाइए। आज तो यह महज 6.65 अंक गिरकर 5625.45औरऔर भी

स्विटजरलैंड के जिस बदनाम बैंक, यूबीएएस एजी की भारत में इसलिए थू-थू होती है कि उसने यहां के तमाम लोगों का काला धन अपने यहां जमा कर रखा है, उसकी शाखा भारत सरकार की अनुमति पिछले तीन सालों से मजे में काम कर रही है। शायद इससे बड़े किसी सबूत की जरूरत नहीं है कि सरकार क्यों काले धन के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है और सुप्रीम कोर्ट को खुद आगे बढ़कर विशेष जांच दल (एसआईटी)औरऔर भी

एवीटी नेचुरल प्रोडक्ट्स का शेयर लगातार कुलांचे मार रहा है। 28 सितंबर 2010 से 28 जून 2011 के बीच के नौ महीनों में वह 88.40 रुपए के न्यूनतम स्तर से 287.90 रुपए के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। साल भर से भी कम वक्त में 225 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न! बीते जून माह में ही यह दोगुना हो गया है। एक जून को नीचे में 140.15 रुपए पर था और 28 जून को ऊपर में 287.90औरऔर भी

जबरदस्ती के रिश्ते गुलामी व एकाधिकार में ही चलते हैं। स्वेच्छा के रिश्ते तभी चलते हैं जब दोनों का फायदा हो। ग्राहक का भी और कंपनी का भी। सिर्फ ग्राहक का फायदा हो तो कंपनी ही बंद हो जाएगी।और भीऔर भी