राजनीतिक हलकों में अपनी रिपोर्टों से तहलका मचानेवाली पत्रिका तहलका की ताजा रिपोर्ट 2 Gone, 1 to Go ने यूपीए सरकार के कपड़ा मंत्री दयानिधि मारऩ की हालत खराब कर दी है। पहले मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने उन पर निशाना साधा और अब तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिला ने मारन से इस्तीफा देने को कहा है। जयललिता ने चेन्नई में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मारन को इस्तीफा दे देना चाहिए और कानूनी कार्यवाही का सामनाऔरऔर भी

विश्व बैंक ने गंगा नदी की साफ-सफाई के लिए एक अरब डॉलर का ऋण मंजूर किया है। विश्व बैंक ने एक बयान जारी कर कहा कि इस सहयोग राशि का एक बड़ा हिस्सा सतत ढंग से गंगा में प्रदूषण घटाने के उपायों में लगाया जाएगा जिनमें जल संग्रह व शोधन, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण और कूड़ा प्रबंधन वगैरह शामिल है। विश्व बैंक ने कहा कि उसकी राष्ट्रीय गंगा नदी घाटी परियोजना से गंगा को स्वच्छ करने और संरक्षणऔरऔर भी

एक तरफ यूपीए सरकार खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सभी को आवश्यक अनाज देने का हल्ला मचाए हुए है, वहीं कुछ अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) भी इसी तरह की मुहिम से अपना आधार व स्वीकृति बनाने में जुट गए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय नामी एनजीओ ‘ऑक्सफैम’ ने भूख-मुक्त भारत के लिए पटना सहित देश के अन्य पांच शहरों से मंगलवार को एक व्यापक अभियान शुरू किया। ऑक्सफैम के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रवींद कुमार प्रवीण ने पटना मेंऔरऔर भी

प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को प्रस्तावित लोकपाल विधेयक के दायरे से बाहर रखे जाने संबंधी बयान से पलटते हुए योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया। वह शनिवार, 4 जून से दिल्ली में भ्रष्टाचार व काले धन के खिलाफ आंदोलन पर कायम हैं। बता दें कि कल के बयान के बाद अटकलें लगाई जा रही थी कि सरकार अण्णा हजारे के खिलाफ बाबा रामदेव का इस्तेमाल करने में कामयाबऔरऔर भी

एक तरफ लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए बनी संयुक्त समिति में बहस जारी है, दूसरी तऱफ केंद्र सरकार ने इससे जुड़े कई विवादास्पद मुद्ददों पर सीधे राज्‍य सरकारों और राजनीतिक दलों की राय मांग डाली है। इस सिलसिले में संयुक्‍त मसौदा समिति के अध्‍यक्ष वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की तरफ से एक खत भेजा गया है। मूल पत्र अंग्रेजी में है। सरकार की तरफ से किया गया उसका अनुवाद यहा पेंश है… उच्‍च पदोंऔरऔर भी

मैं नहीं जानता कि एफआईआई के तौर-तरीकों, उनके बर्ताव और बाजार की गति पर मैं हँसूं कि रोऊं? पिछले सेटलमेंट तक शोर था कि निफ्टी 5000 का स्तर तोड़कर नीचे चला जाएगा। बेचारे ट्रेडरों ने 5000 के पुट ऑप्शन खरीद डाले। ऐसा इसलिए भी हुआ क्योंकि एक प्रमुख विदेशी ब्रोकिंग हाउस ने अखबारों के जरिए सार्वजनिक तौर पर राय रखी थी कि पहले तीन महीने बाजार गिरेगा और उसके बाद 20 फीसदी बढ़ेगा। इस तरह के बयानऔरऔर भी

महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज या छोटे में कहें तो महिंद्रा फाइनेंस का फोकस ग्रामीण व अर्धशहरी इलाकों पर है। वह बैंकों और माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं के बीच की चीज है। नई-पुरानी ट्रक, जीप, ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल व कार के लिए लोन से लेकर घर बनाने और शादी, इलाज व बच्चों की पढ़ाई के लिए भी कर्ज देती है। गावों के करीब 10 लाख लोगों को अपना ग्राहक बना चुकी है। कंपनी की कई सब्सिडियरी इकाइयां भी हैं।औरऔर भी

न तुम अंतिम हो, न वह और न ही मैं। हम सब बूंद हैं, कड़ियां हैं अनंत सागर की। यहां कुछ भी सपाट नहीं, सब गोल है। चलते-चलते आखिरकार हम वहीं पहुंच जाते हैं, जहां से यात्रा की शुरुआत की थी।और भीऔर भी