देश में वित्तीय समावेश की स्थिति पहले से बेहतर हो गई है। पांच साल पहले 35 फीसदी भारतीय घरों तक ही बैंकिंग सेवाओं की पहुंच थी। लेकिन अब यह 47 फीसदी हो गई है और अगले पांच साल में देश के 80 फीसदी घरों तक हमारी बैंकिंग सेवाओं का नेटवर्क पहुंच जाएगा। यह दावा प्रमुख उद्योग संगठन सीआईआई (कनफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री) और बोस्टन कंसल्टेंसी ग्रुप (बीसीजी) की साझा अध्ययन रिपोर्ट में किया गया है। इस रिपोर्टऔरऔर भी

डीएमके के छह मंत्रियों का केंद्र सरकार से बाहर निकलना एक नौटंकी है जो सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस की रजामंदी से रची जा रही है। सारे मंत्रियों के हटने के बावजूद यूपीए सरकार को डीएमके का बाहर से समर्थन जारी है, जारी रहेगा। इसलिए केंद्र सरकार के वजूद को कोई खतरा नहीं है। हां, संसद के भीतर समीकरण थोड़े जरूर बदल जाएंगे। डीएमके के 18 सांसद जाएंगे तो मुलायम की समाजवादी पार्टी के 22 सांसद सरकार को मिलऔरऔर भी

लैंको इंफ्राटेक (बीएसई – 532778, एनएसई – LITL) साल 2011 की शुरुआत में 3 जनवरी को 65.55 रुपए पर था। शुक्रवार 4 मार्च को 2.76 फीसदी गिरकर 36.95 रुपए पर बंद हुआ है। वह भी तब जब 3 मार्च को सीएलएसए ने इसे ‘आउटपरफॉर्म’ की रेटिंग देते हुए खरीदने की सलाह दी है। सीएलएसए का कहना है कि उसने कंपनी की ऋणग्रस्तता की गणना की है और यह शेयर 47 रुपए तक जा सकता है। यानी, जोऔरऔर भी

हर पल महाभारत छिड़ी है। मोह में फंसकर अर्जुन अकर्मण्य हो जाता है। अंदर का कृष्ण ज्ञान न कराए तो हम हथियार डालकर बैठ जाते हैं। लेकिन लड़े बिना न यह धरती मिलती है और न ही वीरगति।और भीऔर भी

हां, यह सच है कि नए साल के बजट में आम शहरी के लिए कुछ नहीं है क्योंकि साल भर में बचाया गया 2060 रुपए का टैक्स किसी अच्छे रेस्तरां में परिवार के लिए एक समय के भोजने के लिए भी पूरा नहीं पड़ेगा। यह निवेशकों के लिए भी अच्छा बजट नहीं है। इसलिए अगर बाजार विश्लेषक कह रहे हैं कि वित्त मंत्री अच्छा मौका चूक गए तो यह एक तरीके से सही है। लेकिन शायद आपनेऔरऔर भी

भारतीय लंदन में घर खरीदने में सबसे आगे हैं। दो साल पहले ही यह रुख दिखाई देने लगा था, पर अब यह हाउसिंग बाजार का एक स्थापित तथ्य बन चुका है कि भारतीय और अन्य विदेशी खरीदार लंदन में घर खरीदने में जुटे हैं। हालांकि ब्रिटेन के अन्य स्थानों पर मकानों की कीमतों में गिरावट आ रही है। लंदन के कुछ मुख्य प्रॉपर्टी डीलरों का कहना है कि अमीर भारतीय लंदन में घर खरीदने में काफी आगेऔरऔर भी

गुल टेकचंदानी को आपने देखा भी होगा, सुना भी होगा, अंग्रेजी और हिंदी के बिजनेस चैनलों पर। निवेश सलाहकार हैं, बाजार के विश्लेषक हैं। निवेश उनका धंधा है। लेकिन सबसे बड़ी बात है धंधे में बड़े बेलाग हैं, ईमानदार हैं। बताते हैं कि छात्र जीवन में ही सट्टे का चस्का लग गया था। 1980-81 के आसपास शेयर बाजार से इतना कमाया कि दक्षिण मुंबई में दफ्तर, गाड़ी, बंगला सब कुछ हो गया। पिता को बोले कि मुझेऔरऔर भी

अगर हर दिन आपके भीतर कोई नया विचार नहीं कौंधता, गुत्थियों से भरे इस संसार में किसी गुत्थी को सुलझाने का हल्का-सा सिरा भी नहीं मिलता तो समझ लीजिए कि आप जीते जी मर चुके हैं।और भीऔर भी

मान लीजिए कि आप डॉक्टर, इंजीनियर या वकील जैसे प्रोफेशनल हैं और आप किसी घनी बस्ती में रहते हैं। एक दिन आंधी-तूफान आता है और आपका एअर-कूलर या एसी का बॉक्स आपके पड़ोसी की कार पर गिरकर उसे क्षतिग्रस्त कर देता है। आपका पड़ोसी अंकड़ू हुआ तो आपसे झगड़ा करेगा और भी ज्यादा गुस्से वाला हुआ तो हरजाने के लिए आपको कोर्ट में घसीटने की सोचेगा। यह एक आकस्मिक हादसा है जिसके लिए आप जिम्मेदार नहीं हैंऔरऔर भी

न सीखने की कोई उम्र होती है और न ही गलतियों को दुरुस्त करने के लिए अगले जन्म की जरूरत होती है। जो कहते हैं कि अगले जन्म ये गलती नहीं करेंगे, वे बस अपनी चमड़ी बचा रहे होते हैं।और भीऔर भी