आगरा और जालंधर में परिवारों की आय देश के शहरी परिवारों की औसत आय से अधिक है। एक सर्वेक्षण में यह निष्कर्ष निकालते हुए इन शहरों को ‘उम्मीदों का शहऱ’ बताया गया है। भारत में शहरीकरण के बारे में मॉरगन स्टैनले की अल्फावाइस एविडेंस सीरीज रिपोर्ट में देश के 200 शीर्ष शहरों को शामिल किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार देश के 50 शीर्ष शहरों में बैंगलोर, हैदराबाद, पुणे सबसे गतिशील हैं जबकि बेहतर औसत आय केऔरऔर भी

सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि वह 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित कर सकती है। लेकिन उसने अन्य मामलों को इसके दायरे में लाने की संभावना से इनकार कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने सोमवार, 21 फरवरी से शुरू होकर तीन महीने चलनेवाले संसद के बजट सत्र से पूर्व शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में इस प्रकार का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि जेपीसी गठित करनेऔरऔर भी

बाजार 5200 से उठकर 5585 पर चला गया। यह बड़े राहत की बात है, तेजी का आगाज है। उम्मीद थी कि बाजार सांस लेने के लिए थोड़ा थमेगा क्योंकि यह 200 दिनों के मूविंग एवरेज (डीएमए) के काफी करीब पहुंच चुका है। लेकिन अगर यह जोश और वोल्यूम के साथ 200 डीएमए को पार कर जाता है तो 60 दिनों के भीतर 6500 की मंजिल पकड़ लेगा। इसलिए ऐसा हो, इससे पहले कुछ मुनाफावसूली लाजिमी हो गईऔरऔर भी

मित्रों! 1 अप्रैल 2010 से लेकर अब तक हर हफ्ते सोमवार से शुक्रवार तक हर दिन एक-एक कर इसी जगह करीब ढाई सौ कंपनियों से आपका परिचय करा चुका हूं। बीएसई में कुल लिस्टेड कंपनियां सात हजार के आसपास हैं। अगर यह सिलसिला यूं ही हर दिन चलाता रहूं तब भी सभी लिस्टेड कंपनियों से आपका परिचय कराने में उन्नीस साल और लग जाएंगे। यह बात कहकर मैं दो चीजें जाहिर करना चाहता हूं। एक यह किऔरऔर भी

हम लूली-लंगड़ी सूचनाओं के आधार पर विचार फेंकने के आदी हो गए हैं। लेकिन यूं ‘ज्ञान’ बघारना विशुद्ध आत्ममुग्धता है। अरे! समाचार व सूचनाओं को तो खुलकर आने दो, विचार अपने-आप बन जाएंगे।और भीऔर भी

बजट में नए आर्थिक सुधारों के बारे में प्रधानमंत्री के दावे ने बाजार पर अपना असर दिखा दिया। यह वो मूलाधार है जिस पर सारे देश और निवेशक समुदाय को पूरा यकीन होना चाहिए। इस हकीकत के मद्देनजर बाजार को पहले तो गिरकर 5200 तक जाना ही नहीं चाहिए था। लेकिन ऐसा हुआ तो उसकी वजह चालबाजी या जोड़तोड़ है और, बाजार में जोड़-तोड़ की कोई काट तो है नहीं। मंदड़ियों का कार्टेल अकेले दम पर बाजारऔरऔर भी

देश की आर्थिक विकास या सकल घरेलू उत्पाद (जीडीजी) में वृद्धि की दर अगले वित्त वर्ष 2011-12 में 8.8 फीसदी रह सकती है और इसके चालू वित्त वर्ष के आर्थिक विकास दर से कम रहने का अनुमान है। आर्थिक शोध संस्थान सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकनोमी (सीएमआईई) ने यह अनुमान जताया है। उसने चालू वित्त वर्ष 2010-11 के लिए आर्थिक वृद्धि 9.2 फीसदी रहने की संभावना जताई है। सीएमआईई ने कहा कि वित्त वर्ष 2010-11 में कृषिऔरऔर भी

सरकार ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और एंट्रिक्स व निजी फर्म देवास मल्टीमीडिया के बीच हुए एस-बैंड स्पेक्ट्रम के विवादास्पद करार को रद्द कर दिया है। आज, गुरुवार को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक में यह फैसला लिया गया। यह फैसला अंतरिक्ष आयोग की संस्तुति के आधार पर किया गया है। गुरुवार को सीसीएस की बैठक खुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई। प्रधानमंत्री ने कल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के संपादकों से साथऔरऔर भी

एल्डर फार्मास्यूटिकल्स का शेयर (बीएसई – 532322, एनएसई – ELDRPHARM) 9 फरवरी से धीरे-धीरे लगातार बढ़ रहा है। छह कारोबारी सत्रों में यह 358.45 रुपए से बढ़कर कल 367.90 रुपए पर बंद हुआ है। हालांकि बीते एक महीने के दौरान यह ऊपर में 396 रुपए (27 जनवरी 2011) और नीचे में 355 रुपए (10 फरवरी 2011) तक जा चुका है। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 440 रुपए (21 सितंबर 2010) और न्यूनतम स्तर 309.20 रुपए (25औरऔर भी

जो लोग ज़िंदगी को बोझ समझते हैं, वे कुछ न करें तो चलता है। लेकिन जो लोग ज़िंदगी को जमकर जीना चाहते हैं, वे अगर आकस्मिकता की तैयारी नहीं रखते तो वे बिंदास नहीं, बेवकूफ हैं।और भीऔर भी