अगले साल 8.8% बढेगा जीडीपी: सीएमआईई

देश की आर्थिक विकास या सकल घरेलू उत्पाद (जीडीजी) में वृद्धि की दर अगले वित्त वर्ष 2011-12 में 8.8 फीसदी रह सकती है और इसके चालू वित्त वर्ष के आर्थिक विकास दर से कम रहने का अनुमान है। आर्थिक शोध संस्थान सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकनोमी (सीएमआईई) ने यह अनुमान जताया है। उसने चालू वित्त वर्ष 2010-11 के लिए आर्थिक वृद्धि 9.2 फीसदी रहने की संभावना जताई है।

सीएमआईई ने कहा कि वित्त वर्ष 2010-11 में कृषि क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन और निजी खपत में तीव्र वृद्धि से आर्थिक वृद्धि दर अच्छी रहने की उम्मीद है। हालांकि अगले वित्त वर्ष में वृद्धि की यह रफ्तार थोड़ी कमजोर हो सकती है।

देश की आर्थिक स्थिति की हाल की अपनी समीक्षा में सीएमआईई ने कहा है कि वित्त वर्ष 2011-12 में वृद्धि कम रहने का प्रमुख का कारण पर्याप्त बारिश का न होना और वैश्विक अर्थव्यवस्था का कमजोर प्रदर्शन होगा। संस्थान ने कहा कि कृषि व संबद्ध क्षेत्र के अलावा औद्योगिक क्षेत्र और सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर में भी गिरावट की आशंका है। हालांकि निर्माण क्षेत्र के चालू वित्त वर्ष के मुकाबले 2011-12 में बेहतर रहने की उम्मीद है।

सीएमआईई ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2011-12 में कृषि व संबद्ध क्षेत्र की वृद्धि दर 3.1 फीसदी रहने की संभावना है, जबकि 2010-11 में इसके 5.1 फीसद रहने का अनुमान है। वस्तुतः कृषि क्षेत्र के कारण ही 2011-12 में आर्थिक वृद्धि में हल्की गिरावट होगी।’’

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