सरकार ने आईटी और आईटीईएस, दूरसंचार व विमानन सेवाओं के निर्यातकों को दिए जा रहे प्रोत्साहन वापस लेने की घोषणा की है। इस कदम से देश के सेवा क्षेत्र के बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। भारत से सेवा योजना (एसएफआईएस) के तहत शुल्क क्रेडिट की पात्र सेवाओं की सूची को छोटा किया गया है। इसमें से कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों मसलन कंप्यूटर परामर्श सेवाएं, सॉफ्टवेयर क्रियान्वयन, डाटा प्रोसेसिंग और डाटाबेस सेवाओं को हटा दिया गया है।औरऔर भी

मध्य प्रदेश में अब पंचायत खातों से कैश विदड्रावल या नकद आहरण नहीं किया जा सकेगा। इन खातों में कोई भी भुगतान बैंक ड्राफ्ट, क्रॉस चेक या खाते से खाते में ट्रांसफर के माध्यम से ही होगा। राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव का कहना है कि इससे फर्जी आहरण और भुगतान में होने वाली गड़बड़ी पर रोक लगाई जा सकेगी उन्होंने बताया कि इस आशय के निर्देश पंचायतों के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियोंऔरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है और 8 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान यह 15.52 फीसदी पर आ गई है। हालांकि सब्जियों विशेषकर प्याज के दाम अभी भी ऊंचे बने हुए हैं। गुरुवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार दाल, गेहूं व आलू के दाम में कमी की वजह से खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट दर्ज की गई है। इससे पहले 1 जनवरी को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति 16.91 फीसदी थी,औरऔर भी

मंत्रालयों के फेरबदल ने बाजार को कुछ संदेश दिए हैं। यह जानामाना सच है कि उद्योगपति मंत्रालय व मंत्रियों के साथ रिश्ते बना लेते हैं जिनकी बदौलत उन्हें सरकारी नीतियों के बारे में पहले से पता चल जाता है और इसका इस्तेमाल वे अपने धंधे में करते हैं। इसलिए मंत्रालय में मंत्री बदल जाने से कभी-कभी कंपनियों का नसीब भी इधर से उधर हो जाता है। शरद पवार को कृषि मंत्री बनाए रखना सत्तारूढ़ पार्टी की राजनीतिकऔरऔर भी

यूं तो शेयरों के भाव वर्तमान को नहीं, हमेशा भविष्य को पकड़कर चलते हैं। लेकिन किसी कंपनी के भविष्य का आकलन इतना आसान नहीं होता। गहरी रिसर्च और जासूसी का काम होता है यह। फिर भी कभी-कभी कंपनी का अतीत और वर्तमान ही इतना मजबूत होता है कि भविष्य से बेफिक्र होकर उसमें निवेश किया जा सकता है। सीईएससी लिमिटेड का मामला कुछ ऐसा ही है। आरपीजी समूह की कंपनी है। 1899 में गठित हुई। तब सेऔरऔर भी

आत्मा के बिना शरीर शव है और शरीर के बिना आत्मा भूत! लेकिन क्या उत्तरी ध्रुव को दक्षिणी ध्रुव से अलग किया जा सकता है या पेड़ों से जंगल को? इसी तरह शरीर व आत्मा भिन्न हैं, पर अलग नहीं।और भीऔर भी