इस समय भारतीय शेयर बाजार में कुल 1702 एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) और उनसे जुड़े 5382 सब-एकाउंट काम कर रहे हैं। एफआईआई तो अमेरिका से लेकर ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस जैसे तमाम देशों के हैं। लेकिन ज्यादातर सब-एकाउंट मॉरीशस के हैं। म़ॉरीशस का पता रखने से फायदा यह होता है कि उन्हें भारतीय शेयर बाजार से की गई कमाई पर किसी भी सूरत में कोई टैक्स नहीं देना पड़ता। दूसरी तरफ भारतीय निवेशक को एक साल केऔरऔर भी

अमेरिकी बाजारों की गिरावट और हंगरी के संकट के बावजूद अगर बाजार (बीएसई सेंसेक्स) 431 अंक तक गिर गया और बंद हुआ करीब 337 अंक की गिरावट के साथ तो इसमें बहुत परेशान होने की बात नहीं है। एनएसई निफ्टी में इसी तरह का करेक्शन आया है। ध्यान दें कि ऐसे हर करेक्शन के बाद बाजार ने वापसी की है और एनएसई निफ्टी पूरी दृढ़ता के साथ 5000 और 5100 का स्तर पार कर गया है। आजऔरऔर भी

दो-तीन दिसंबर 1984 की रात को भोपाल में यूनियन कार्बाइड फैक्टरी में जहरीली गैस मिथाइल आइसोसाइनेट के रिसाव के कारण मरे करीब 20,000 लोगों और पीढी दर पीढ़ी विकलांगता झेलते कई लाख लोगों को आखिरकार ‘न्याय’ मिल गया। इसके लिए केशब महिंद्रा समेत आठ लोगों को दोषी ठहरा दिया गया है। इसमें से एक की मौत हो चुकी है। बाकी बचे साल लोगों को दो साल की सजा सुनाई गई है और इन पर एक-एक लाख रुपएऔरऔर भी

हर चीज का एक खास व सही वक्त होता है पर हेल्थ इंश्योरेंस के लिए हर वक्त सही होता है। कहा जाता है कि सेहत है तो दौलत है और अपने जीवन का ठीक-ठाक बीमा करा लेने के तुरंत बाद हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने की जरूरत भी किसी नेमत से कम नहीं है। एक समय था जब हेल्थ इंश्योरेंस को सुरक्षित नहीं समझा जाता था। लोगों को जिस एक बीमा के बारे में जानकारी होती थी औरऔरऔर भी

अर्थकाम पर अपने ही प्रयासों को पूरा होता हुआ देख रहा हूँ। मैं कई बार खुद के हिन्दी भाषी होने पर परेशान हो उठता हूं। आर्थिक बुद्धिमता देश के युवा के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। इसके अभाव में देश का युवावर्ग आज बेरोजगारी और अकर्मण्यता के भीषण दौर से गुजर रहा है। कहीं एक रोजगार विज्ञप्ति निकलती है तो आवेदकों की तादाद देखकर सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि भविष्य क्या हो सकता है। आजऔरऔर भी

किस्मत और भगवान पर हमारा वश नहीं। लेकिन आत्मविश्वास हमारा अपना है। किस्मत और भगवान जब किनारा कर लेते हैं, तब आत्मविश्वास ही काम आता है, हमें संभालता है। इसलिए उसे संभालिए।और भीऔर भी

शुभम् करोति कल्याणम्।। तो, हफ्ते के पहले दिन की शुरुआत सोने के कारोबार से जुड़े कुछ शेयरों से। तीन नाम आपने भेजे हैं। राजीव ने टाइटन इंडस्ट्रीज व गीतांजलि जेम्स का नाम लिया है और सुभाष मिश्रा से सुझाया है श्री गणेश ज्वैलरी का नाम। दो शेयरों के नाम मैं पेश करता हूं – राजेश एक्सपोर्ट्स और मानपपुरम जनरल फाइनेंस एंड लीजिंग (एमजीएफएल)। आज मुख्य रूप से यह देखते हैं कि क्या सोने के भाव के बढ़नेऔरऔर भी

आईपीएल की फ्रैंचाइजी से शरद पवार एंड फेमिली का रिश्ता साबित करना कठिन है, मुश्किल नहीं। लेकिन कुछ ऐसे सच हैं जिनको कभी साबित नहीं किया जा सकता। ऐसा ही एक सच है कि हमारे शेयर बाजारों में बड़े पैमाने पर नेताओं का पैसा लगा हुआ है। और, ऐसा ही एक ताजातरीन सच है कि वित्त मंत्रालय ने लिस्टेड कंपनियों में न्यूनतम 25 फीसदी पब्लिक होल्डिंग का जो नियम बनाया है, उसका एक खास मकसद स्विस बैंकोंऔरऔर भी

जब हम व्यक्ति से लेकर समाज और अंदर से लेकर बाहर की प्रकृति के रिश्तों को तार-तार समझ लेते हैं तो हमारी अवस्था क्षीरसागर में शेषनाग की कुंडली पर लेटे विष्णु जैसी हो जाती है। हम मुक्त हो जाते हैं।और भीऔर भी

सोने का भाव अभी 18,000 से 19,000 रुपए प्रति दस ग्राम के आसपास ऊपर नीचे हो रहा है। भाव बढ़ते हैं, मुनाफावसूली होती है। भाव गिरते हैं, खरीदारी बढ़ती है। भाव फिर बढ़ जाते हैं। लेकिन कभी आपने इस पर गौर किया है कि इस दौरान सोने के कारोबार से जुड़ी कंपनियों के शेयरों का क्या हाल चल रहा है? नहीं किया है तो कर लीजिए क्योंकि जानकार बताते हैं कि जिंस के भाव और उसके स्टॉकऔरऔर भी