चीजें पल-पल बदलती रहती हैं। शेयर बाजार के ट्रेडरों तक को यह बात ध्यान में रखनी पड़ती है। लेकिन जिन्हें निवेश करना है उनके लिए हमारा बाजार अभी कतई ऐसी दशा में नहीं पहुंचा है कि यहां एक-एक पल या एक-एक दिन का हिसाब रखना पड़े। बेफिक्र रहिए क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था की विकासगाथा अभी कम से कम आजादी की 75वीं सालगिरह साल 2022 तक चलनी है। इस बीच दुनिया की पुरानी स्थापित अर्थव्यवस्थाएं डोलमडोल होती रहेंगी। लेकिनऔरऔर भी

किसी गुत्थी को सुलझाने की खुशी उलझी हुई लट को सुलझाने से कहीं ज्यादा होती है। पर हम तो गुत्थियों को गांठ बनाकर जीते हैं, समस्याओं को दरी या कालीन के नीचे ढांक-तोप देने के आदी हो गए हैं।और भीऔर भी

बाल दिवस। चाचा नेहरू का जन्मदिन। पत्र-पत्रिकाओं में सरकारी विज्ञापन। सब शोशेबाजी है, नारा है। हकीकत यह है कि इन दिनों देश में बच्चों का पलायन तेजी से बढ़ रहा है और उसी अनुपात में उनके साथ उत्पीड़न की घटनाएं और आंकड़े भी। खास तौर से मजदूरी के लिए बच्चों को एक राज्य से दूसरे राज्य में आदान-प्रदान किए जाने का सिलसिला जोर पकड़ता जा रहा है। विभिन्न शोध-सर्वेक्षणों और रिपोर्टों से यह जाहिर भी हो रहाऔरऔर भी

आइए हम आपको बताते हैं कि अपनी कार का बीमा कराते समय फायदा ही फायदा कैसे प्राप्त करें? हम कोई भी खरीदारी करते हैं तो हमारी इच्छी रहती है कि वह चीज या सेवा सस्ती से सस्ती मिल जाए। दरअसल, मनमर्जी का सौदा सभी को प्रिय होता है, मन को संतोष देता है। अपनी मनपसंद कार खरीदने के बाद अब आपको उसका बीमा भी सस्ते से सस्ता मिल जाए तो आप अब यही कहेंगे कि मेरी पांचोंऔरऔर भी

जीभ में स्वाद न होता तो क्या हम खाना खाते? सेक्स की सनसनी न होती तो क्या हम बच्चे पैदा करते? हर सृजन, हर बड़े काम के लिए भावना जरूरी है। सीमित सामर्थ्य में ताकत भरने का काम करती है भावना।और भीऔर भी

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक भारत में लोगों के पास 18,000 टन सोना पड़ा है जो दुनिया में उपलब्ध सोने का कम से कम 11% है। इसका औसत निकालें तो हर भारतीय के पास करीब 15 ग्राम सोना है। भारतीयों के पास पड़े सोने की कीमत लगभग 800 अरब डॉलर निकलती है। साल 2009 में भारत में सोने की मांग 97,400 करोड़ रुपए की थी जो सारी दुनिया की मांग का 15% बैठती है। हमारी बचत दरऔरऔर भी

संरक्षणवाद का विरोध करते हुए भारत ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के तहत वैश्विक व्यापार को खोलने के लिए दोहा दौर की वार्ताओं को संतोषजनक अंजाम तक पहुंचाने की वकालत की। शुक्रवार को दक्षिण कोरियो की राजधानी सोल में जी-20 शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि सभी देशों के प्रमुख इन वार्ताओं को पूरा करने के लिए पूरा प्रयास करें। प्रधानमंत्री ने वैश्विक नेताओं से कहा कि वेऔरऔर भी

मैंने कल बिजनेस स्टैंडर्ड में एक रिपोर्ट पढ़ी जिसमें संवाददाता ने किसी शेयर को ट्रेड टू ट्रेड श्रेणी में डालने के तौर-तरीकों को लेकर स्टॉक एक्सचेंज के अधिकारियों पर कुछ खरे-खरे आरोप लगाए हैं। इसमें भ्रष्टाचार तक का आरोप शामिल है। इन आरोपों की वाकई जांच-पड़ताल की जानी चाहिए और पुष्टि के लिए प्रमाण भी जुटाए जाने चाहिए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि किसी शेयर को ट्रेड टू ट्रेड से दोबारा सामान्य श्रेणी मेंऔरऔर भी

डीसीडब्ल्यू लिमिटेड (बीएसई कोड – 500117, एनएसई कोड – DCW) बहुत पुरानी बाप-दादा के जमाने की कंपनी है। कास्टिक सोडा, क्लोरीन व उसके यौगिक, पीवीसी रेजिन, सोडा एश और अमोनियम बाईकार्बोनेट जैसे कई बुनियादी रसायन बनाती है। घोड़े की नाल इसका लोगो है। सवाल उठता है कि बैंकिग, आईटी, मल्टी मीडिया और रीयल्टी के लकदक जमाने में ऐसी कंपनी को कौन पूछेगा? लेकिन ऐसा नहीं है। कल बीएसई में इसके 11.21 लाख शेयरों के सौदे हुए हैं,औरऔर भी