चावल, फल-सब्जियों व दूध के दाम बढ़ने से चार दिसंबर को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति की दर 0.86 फीसदी बढ़कर 9.46 फीसदी पर पहुंच गई। इससे पिछले सप्ताह यह 8.60 फीसदी थी। यह लगातार दूसरा हफ्ता है जब खाने-पीने की वस्तुओं की मुद्रास्फीति बढ़ी है। नोट करने की बात यह है कि गुरुवार को रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीति की मध्य-तिमाही समीक्षा से आधे घंटे पहले ही खाद्य मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी किए गए। इन आंकड़ोंऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय को निर्देश दिए है कि वे 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में 2001 से लेकर 2008 तक की अवधि की पूरी जांच करें। इस निर्देश के साथ ही एनडीए और यूपीए दोनों के शासनकाल की दूरसंचार नीतियां अब जांच के दायरे में आ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जी एस सिंघवी और ए के गांगुली की पीठ ने स्पष्ट किया कि जांच में सरकारी खजाने को हुए नुकसानऔरऔर भी

कल बाजार डीएमके से जुडे नेताओं पर सीबीआई के छापों के कारण गिर गया। लेकिन इसे तूल देना एकदम गलत है क्योंकि डीएमके सत्ता से बाहर रहना गवारा नहीं कर सकती। विपक्ष ठीक ही कह रहा है कि इतनी देर से छापे मारना महज दिखावा है क्योंकि इस बीच गुनहगारों को इतना वक्त मिल गया कि वे तमाम कागकाज इधर से उधर कर चुके होंगे। इसलिए छापों से सीबीआई को काम का कुछ नहीं मिला होगा। असलऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने तीसरी तिमाही के बीच में मौद्रिक नीति की समीक्षा करते वक्त तरलता के संकट को स्वीकार किया है और इसे दूर करने के लिए उसने 18 दिसंबर से वैधानिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 25 फीसदी के मौजूदा स्तर से घटाकर 24 फीसदी कर दिया है। साथ ही उसने तय किया है कि अगले एक महीने में वह खुले बाजार ऑपरेशन (ओएमओ) के तहत नीलामी से 48,000 करोड़ रुपए के सरकारी बांड खरीदेगा। उसने सीआरआरऔरऔर भी

महाराष्ट्र सीमलेस (बीएसई – 500265, एनएसई – MAHSEAMLES) का नाम सुनकर लगता है कि जैसे यह महाराष्ट्र के किसी उद्योगपति की कंपनी हो। लेकिन यह हरियाणा के डी पी जिंदल समूह की कंपनी है। असल में देश में जिंदल नाम के तीन समूह है और तीनों का मूल परिवार एक है। पहला, ओ पी जिंदल समूह जिसकी मुख्य कंपनियां हैं – जिंदल स्टेनलेस, जिंदल सॉ, जेएसडब्ल्यू स्टील और जिंदल स्टील एंड पावर। दूसरा, एस एस जिंदल समूहऔरऔर भी

जो लोग सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं, वे नौकरी करते हैं। जो लोग सिर्फ समाज के बारे में सोचते हैं, वे होलटाइमरी करते हैं। जो लोग अपने साथ-साथ समाज के बारे में भी सोचते हैं, वे उद्यमी बनते हैं।और भीऔर भी