।।किशोर ओस्तवाल।। हमारे शेयर बाजार में रिटेल निवेशकों को झांसा देने का काम आज से नहीं, दसियों साल से हो रहा है। यही वजह है कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 35 फीसदी हिस्सा अब भी बचत के रूप में किनारे पड़ा हुआ है। क्यों? इसलिए कि रिटेल निवेशकों का पूंजी बाजार से भरोसा उठ गया है। सवाल उठता है कि रिटेल निवेशकों की यह हालत क्यों है, इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं और उनकेऔरऔर भी

सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज (अभी की महिंद्रा सत्यम) के खातों में 7136 करोड़ रुपए की भयंकर घपलेबाजी जब हुई थी, तब उसके ऑडिट का काम अंतरराष्ट्रीय स्तर की फर्म प्राइस वॉटरहाउस देख रही थी। देश के कॉरपोरेट जगत को हिला देनेवाले इस घोटाले में पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने प्राइस वॉटरहाउस के खिलाफ पहला कारण बताओ नोटिस 14 फरवरी 2009 को जारी किया था और मामले की सुनवाई 30 मार्च 2010 को शुरू हुई थी। लेकिन प्राइसऔरऔर भी

अक्टूबर-दिसंबर 2010 की तिमाही में एडवांस टैक्स देने के मामले में इस बार बैंकों ने बाजी मार ली है। एलआईसी व दूसरी वित्तीय संस्थाओं ने भी इस बार पिछले साल की तुलना में ज्यादा एडवांस टैक्स भरा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक ने इस तिमाही में 1850 करोड़ रुपए का एडवांस टैक्स भरा है जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में उसने 1795 करोड़ रुपए जमा कराएऔरऔर भी

विदेश में पेट्रोलियम तेल, कोयला और अन्य खनिज परियोजनाएं खरीदने की होड़ के मद्देनजर सरकार देश के सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) के लिए जल्दी ही ऐसी नीति तैयार करेगी जिससे उन्हें दूसरे देश में प्राकृतिक संसाधानों को हासिल करने में आसानी हो जाए। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को श्रेष्ठ काम करनेवाली सरकारी कंपनियों को पुरस्कृत करने के लिए आयोजित समारोह में यह घोषणा करते हुए कहा कि कुछ ऐसे क्षेत्र है जहां भारत के सार्वजनिक उपक्रमों कोऔरऔर भी

केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा द्वारा पिछ्ले तीन वर्षों से हिंदी लोक शब्दकोश परियोजना चलाई जा रही है। इस परियोजना के अंतर्गत हिंदी की 48 लोकभाषाओं के डिजिटल और मुद्रित त्रिभाषी (लोकभाषा-हिंदी-अंग्रेजी) कोश बनने हैं। इन लोक शब्दकोशों में उन शब्दों का संग्रह किया जाना है जो विलुप्तप्राय हैं या विलुप्त हो गए हैं। परियोजना का मूल उद्देश्य हिंदी की शाब्दिक संपदा को समृद्ध करने के साथ-साथ लोक के बीच बोलचाल के लिए इस्तेमाल होनेवाले शब्दों का संरक्षणऔरऔर भी

बाजार अब भी विश्वास के संकट से गुजर रहा है। इसलिए भावों में तेज उतार-चढ़ाव जारी है। लोग निफ्टी के ऑप्शन सौदों में 5600 व 5400 पर सक्रिय हैं जो साफ दिखाता है कि हर बढ़त का इस्तेमाल बिकवाली के लिए किया जा रहा है। दूसरे तमाम भूत धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं तो अब नई अफवाह फैलाई जा रही है कि डीएमके केंद्र सरकार से समर्थन वापस ले लेगी। यह एकदम बकवास है क्योंकि इस समयऔरऔर भी

फर्स्टसोर्स सोल्यूशंस (एनएसई–FSL, बीएसई–532809) आईसीआईसीआई बैंक द्वारा प्रवर्तित कंपनी है। दुनिया की तमाम कंपनियों को हेल्थकेयर, टेलिकॉम व मीडिया और बैंकिंग व वित्तीय सेवाओं से जुड़ी बीपीओ सेवाएं उपलब्ध कराती है। फॉर्च्यून-500, फुटसी-100 और निफ्टी-50 में शामिल कई कंपनियां उसकी ग्राहक हैं। वह अपने कामकाज का संचालन भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन और फिलीपींस से करती है। इन सभी केंद्रों में उसके कुल कर्मचारियों की संख्या लगभग 25,000 है। इसका शेयर 10 दिसंबर, शुक्रवार को 19.40 रुपएऔरऔर भी

मनोरंजन के इतने साधन, फिर भी सांस्कृतिक शून्य? चैनल पर चैनल सर्फ करते जाने का यह कैसा चटोरापन? ओस प्यास नहीं बुझाती, बाजार कभी शून्य नहीं भरता। इसे तो हमें खुद ही भरना होगा।और भीऔर भी