आम भारतीय मानसिकता संपत्ति को भौतिक रूप में देखने-महसूस करने की है। हम धन को गाड़कर रखते रहे हैं। अब भी जमीन से हमारा गहरा जुड़ाव है और हमारी आबादी का बहुत बड़ा हिस्सा संपत्ति को भौतिक रूप में ही देखना चाहता है। लेकिन डीमैट के इस दौर में संपत्ति को भौतिक रूप से देखने का मनोविज्ञान नहीं चल सकता। इसे तोड़ना होगा, बदलना होगा, जिसके लिए शिक्षा जरूरी है। इससे हम नक्सली हिंसा व अशांति कोऔरऔर भी

लॉबीइंग और रिलायंस समूह का रिश्ता बहुत पुराना रहा है। यह काम धीरूभाई के जमाने से चला रहा है। लेकिन उनके छोटे बेटे अनिल अंबानी ने लगता है, इसे देश की सरहदों से बाहर पहुंचा दिया है। अमेरिका के पर्यावरण प्रेमी संगठनों ने आरोप लगाया है कि रिलायंस पावर ने मध्य प्रदेश में 3960 मेगावॉट की सासन बिजली परियोजना के लिए अमेरिकी एक्सपोर्ट इम्पोर्ट बैंक (यूएस एक्जिम बैंक) से 60 करोड़ डॉलर की ऋण गारंटी जबरदस्त लॉबीइंगऔरऔर भी

थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर लगातार पांचवें महीने 10 फीसदी से ऊपर रही है। मुद्रास्फीति में दहाई अंक का यह सिलसिला इस साल फरवरी से शुरू हुआ है। वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक जून महीने में मुद्रास्फीति की सालाना वृद्धि दर 10.55 फीसदी रही है, जबकि मई में यह 10.16 फीसदी ही थी। इस बीच अप्रैल के अंतिम आंकड़े आ गए हैं जिसके मुताबिक उस माह में मुद्रास्फीतिऔरऔर भी

निफ्टी में 14.5 अंक गिरावट आई और वह अब भी 5386.15 पर है। सेंसेक्स भी केवल 47.74 अंक गिरा और वह 17,938.16 पर टिका है। लेकिन बाजार में करेक्शन का सिलसिला चल निकला है क्योंकि अधिकांश खिलाड़ी सेंसेक्स के 18,000 के ऊपर पहुंचने पर मुनाफावसूली की राह पकड़ने का फैसला कर चुके हैं। मेरिल लिंच जैसे विश्वस्तरीय खिलाड़ी ने तो ऑन रिकॉर्ड कह दिया है कि बाजार अभी काफी महंगा नजर आ  रहा है। इसलिए करेक्शन काऔरऔर भी

म्यूचुअल फंड के हर प्रचार के साथ लिखा या बोला जाता है कि म्यूचुअल फंड बाजार के जोखिम से प्रभावित होते हैं। कृपया निवेश करने से पहले ऑफर दस्तावेज को सावधानी से पढ़ लें। लेकिन अगर आप ऑफर दस्तावेज को पूरी सावधानी पढ़ें तो उसमें बाजार के जोखिम के बारे में एक लाइन भी नहीं रहती। खाली स्कीम का बखान ही बखान होता है। यह कहना है दो दशकों से भी ज्यादा वक्त से पूंजी बाजार केऔरऔर भी

बीएएसएफ के बारे में सुबह लिखा और शाम तक वह 6.99 फीसदी बढ़कर 460.85 रुपए पर बंद हुआ। दिन में 10.25 फीसदी बढ़त के साथ ऊपर में 475 रुपए तक भी चला गया था। एकबारगी वोल्यूम भी नौ गुना हो गया। होता है, ऐसा होता है। लेकिन हमें इस चमत्कार में न पड़कर किसी शेयर में निवेश से पहले उस कंपनी की मूलभूत मजबूती देखनी चाहिए। ऐसी ही एक कंपनी है जेके टायर्स। नाम तो आपने हरऔरऔर भी

प्रकृति ने हर जीव को बचाव का कोई न कोई साधन अलग से दे रखा है। शेर को दांत व पंजे, बैल को सींग व खुर तो कीड़े-मकोड़ों को रंग बदलने की क्षमता। इसी तरह इंसान को उसने सोचने की ताकत दे रखी है।और भीऔर भी