हैदराबाद की एक स्थानीय अदालत ने निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (निम्स) अस्पताल से सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज के पूर्व चेयरमैन बी रामलिंगा राजू के स्वास्थ्य के बारे में एक जुलाई को नई रिपोर्ट देने को कहा है। इस बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अर्जी दायर कर डाक्टरों की एक स्वतंत्र समिति से राजू के स्वास्थ्य की अलग से जांच कराने का अनुरोध किया है। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने मंगलवार को निम्स के निदेशकऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने तय किया है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) को शॉर्ट सेलिंग के लिए उधार दिए गए शेयरों की सूचना अब हर कारोबारी दिन के बजाय हफ्ते में केवल एक दिन शुक्रवार को देनी होगी। लेकिन अगर वे अगर अपने विदेशी क्लाएंट को पार्टिसिपेटरी नोट (पीएन) जारी करते हैं तो उन्हें इसकी सूचना तत्काल देनी होगी। सेबी ने एफआईआई और उनके सभी कस्टोडियन के नाम मंगलवार कोऔरऔर भी

ए ग्रुप के शेयर अब थोड़ा आराम करेंगे और इनमें से वही विशेष शेयर चलेंगे जिनमें कोई नया समाचार आएगा। बाजार के स्टार परफॉर्मर होंगे अब बी ग्रुप के शेयर। गिलैंडर्स, गल्फ ऑयल और विमप्लास्ट जैसे शेयरों में वोल्यूम का धमाका हो सकता है। हो सकता है जब साल भर बाद इन शेयरों के मूल्य कई गुना हो जाएं तब आप वीआईपी की तरह बात करेंगे और एफआईआई खरीदार होंगे। इस समय तो ऑपरेटरों ने इनके बाजारऔरऔर भी

पिछले कुछ महीनों से उठे गुबार के बाद थोड़े-से भी जानकार निवेशकों में यूलिप (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस पोडक्ट) को लेकर इतनी हिकारत पैदा हो गई है कि वे इसमें पैसा लगाना सरासर बेवकूफी समझते हैं। आम धारणा यही है कि बीमा लेना हो तो टर्म इंश्योरेस लेना चाहिए और निवेश का लाभ लेना हो तो सीधे म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना चाहिए। इन दोनों के घालमेल यूलिप में पैसा लगाने का मतलब सिर्फ एजेंट की जेब भरनाऔरऔर भी

पहली जुलाई से बैंकों में लागू होनेवाले बेस रेट के एलान का सिलसिला मंगलवार से शुरू हो गया। देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने घोषित किया है कि उसका बेस रेट 7.5 फीसदी सालाना होगा। इसका मतलब यह हुआ कि कृषि ऋणों के अलावा एसबीआई कोई भी ऋण 7.5 फीसदी के कम ब्याज पर नहीं देगा। एसबीआई के फैसले के बाद दूसरे सभी बैंक आज और कल में अपने बेस की घोषणा करऔरऔर भी

अगर पी/ई अनुपात के लिहाज से देखें तो आइडिया सेलुलर देश की लिस्टेड टेलिकॉम कंपनियों में भारती एयरटेल के बाद सबसे सस्ता शेयर है। 2009-10 में इसका ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 3.39 रुपए रहा है और इसका शेयर सोमवार को बीएसई में 3.80 फीसदी बढ़कर 58.70 रुपए और एनएसई में 3.45 फीसदी बढ़कर 58.50 रुपए पर बंद हुआ है। इसका पी/ई अनुपात 17.16, भारती एयरटेल का 8.32 और रिलायंस कम्युनिकेशंस का 86.83 है। आइडिया का परिचालन लाभऔरऔर भी

जब तक जगे रहे, ज़िंदा रहे। सो गए तो मर गए। फिर जगे तो नया जीवन। ज़िदगी को यूं जागने-सोने के चक्र में बांटना अच्छा लगता है। लेकिन हो कहां पाता है क्योंकि कोशिकाओं तक की अपनी यादें होती हैं।और भीऔर भी