वीआईपी इंडस्ट्रीज के पूर्व प्रबंध निदेशक सुधीर जातिया कंपनी में अपनी शेयर हिस्सेदारी 300 रुपए प्रति शेयर की दर से बेचेंगे। सूत्रों से मिली यह पक्की खबर है। कंपनी में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी 43.44 फीसदी है। वीआईपी इंडस्ट्रीज का शेयर बीएसई में 2.04 फीसदी बढ़कर 270.50 रुपए पर बंद हुआ, जबकि दिन में यह 278.40 रुपए तक चला गया था। वैसे, इस समय विमप्लास्ट खरीदने का अच्छा मौका है। विमप्लास्ट का शेयर बीएसई में आज ऊपर मेंऔरऔर भी

बाजार के ज्यादातर कारोबारी निफ्टी के 4950 से 5050 अंक के स्तर के बीच शॉर्ट सौदे करके फंस चुके हैं। इसलिए वे करेक्शन या गिरावट के पक्ष में हैं। जाहिर है उन्हें निफ्टी में १५० या इससे ज्यादा अंकों की गिरावट का इंतजार है। लेकिन यह भी सच है करेक्शन आपके चाहने पर कभी नहीं आता। हो सकता है कि मौजूदा सेटलमेंट तेजड़ियों के पक्ष में जाए क्योंकि निफ्टी में 5100 सीरीज के 75 लाख शेयरों औरऔरऔर भी

अर्थकाम हिंदी समाज का प्रतिनिधित्व करता है। यह 42 करोड़ से ज्यादा की आबादी वाले उस समाज को असहाय स्थिति से निकालकर प्रभुतासंपन्न बनाने का प्रयास है जो फैसला करने की स्थिति में नहीं है। उसे घोड़ा बनाकर कोई और उसकी सवारी कर रहा है। इसका अधिकांश हिस्सा ग्राहक है, उपभोक्ता है, लेकिन वह क्या उपभोग करेगा, इसे कोई और तय करता है। वह अन्नदाता है किसान के रूप में, वह निर्यातक है सप्लायर है छोटी-छोटी औद्योगिकऔरऔर भी

एनएमडीसी का एफपीओ (फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर) बुधवार, 10 मार्च को खुलेगा और शुक्रवार 12 मार्च को बंद होगा। सरकार को उम्मीद है कि अगर एफपीओ 300-350 रुपए के मूल्य दायरे में ऊपर के भाव पर आया तो इस वित्त वर्ष में विनिवेश से धन जुटाने का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। विनिवेश सचिव सुमित घोष ने एक समाचार एजेंसी को यह जानकारी दी। सरकार को देश की इस सबसे बड़ी आइरन ओर निर्माता कंपनी के एफपीओ से 11,600औरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शनिवार 6 मार्च को अपनी बोर्ड बैठक में शेयर बाजार से जुड़ा एक अहम फैसला लिया है। वह यह कि उसने स्टॉक एक्सचेंजों को शेयरों के डेरिवेटिव सौदों में अभी की तरह कैश या नकद सेटलमेंट के साथ ही शेयरों की लेन-देन या फिजिकल सेटलमेंट की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसे कब तक लागू किया जाएगा, इसका फैसला स्टॉक एक्सचेंजों से बातचीत के बाद तयऔरऔर भी

पहले प्रस्ताव था कि 1 अप्रैल 2010 से बैंकों के सभी तरह के लोन पर बेस रेट की नई पद्धति लागू कर दी जाएगी। लेकिन बैंकों के शीर्ष अधिकारियों से राय-मशविरे के बाद रिजर्व बैक ने इसे अब 1 जुलाई 2010 से लागू करने का फैसला किया है। यह फैसला शुक्रवार को लिया गया। इस नई पद्धति के लागू होने पर अभी तक लागू बीपीएलआर (बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट) पद्धति धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी। बीपीएलआर के साथऔरऔर भी

मैंने कल ही एनएमडीसी के बारे में लिखा था और इसके शेयर के भाव में 5 फीसदी से ज्यादा का करेक्शन आ गया। मतलब, इसमें इसमें इतनी गिरावट आ गई। इसीलिए सेसा गोवा का ताप भी ठंडा पड़ रहा है। बहुत से कारोबारी गलत दांव में फंस गए हैं और इसलिए आनेवाले दिनों में सेसा गोवा में काफी ज्यादा गिरावट आ सकती है। वैसे इस स्टॉक का दायरा बढ़ चुका है। आज ही कुछ एजेंसियों व चैनलों ने इसमें खरीद की सलाह दी है।औरऔर भी

हमारा मानना था कि निफ्टी आज उठेगा। पर ऐसा हुआ नहीं। हालांकि इसमें गिरावट भी नहीं आई। असल में बाजार ए ग्रुप के ऑटो, मेटल व बैंकिंग शेयरों में ओवरबॉट की स्थिति में आता जा रहा है यानी इनमें काफी खरीद हो चुकी है, जबकि रीयल्टी व इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के शेयरों में खरीद का स्तर काफी कम है। हमने बजट के फौरन बाद कह दिया था कि रीयल्टी व इंफ्रा कंपनियों पर सर्विस टैक्स का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।औरऔर भी

चार्ट की महिमा बघारनेवाले ज्यादातर टेक्निकल एनालिस्ट 14000 से 12000 की तलहटी खोजने में लगे रहे, लेकिन बीएसई सेंसेक्स आज 17000 की ऊंचाई तक जा पहुंचा। मैं आपका ध्यान पहले ही एलआईसी की उस टिप्पणी पर खींच चुका हूं, जिसमें मार्च के अंत तक सेंसेक्स के 17500 तक पहुंचने की इच्छा जताई गई थी। अभी हम मार्च की शुरुआत में हैं और सेंसेक्स 17000 पर पहुंच चुका है। 10 मार्च को एनएमडीसी का 200-300 अरब डॉलर काऔरऔर भी

शुक्रवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी सूचकांक 5000 का स्तर छूने के बाद आखिरी दस मिनट में 4950 से नीचे आ गया। यह वो स्तर था जहां मंदी की फितरत वाले कारोबारियों या मंदड़ियों को काफी हद तक यकीन था कि बिक्री के करार के सौदों को पूरा करने के लिए उन्हें खरीद की जरूरत नहीं है यानी वे शॉर्ट रह सकते हैं। महज एक मजा हुआ चालाक खिलाड़ी ऐसा था जो 4950 के ऊपर भीऔरऔर भी