बौद्धिक संपदा के मामले में हैदराबाद की दवा कंपनी सुवेन लाइफ साइंसेज बड़ी समृद्ध कंपनी है। वह बायोफार्मा कंपनी है। सीधे बाजार में नहीं, बल्कि नई-नई दवाएं खोजकर उनके व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए दुनिया भर की कंपनियों को बेचती है। वह खोजे गए नए-नए रासायनिक यौगिकों के पेटेंट लेती रहती है। पिछले ही महीने उसे ऑस्ट्रेलिया व कनाडा से चार उत्पादों के पेटेंट मिले हैं। ये उत्पाद अल्ज़ाइमर, अटेंशन डेफिसिएंट हाइपर एक्टिविटी डिसऑर्डर, पार्किन्सन, सिज़ोफ्रेनिया व हटिंग्टनऔरऔर भी

बिग बाजार और फ्यूचर समूह के मालिक किशोर बियानी का नाम आपने जरूर सुना होगा, लेकिन प्राइवेट इक्विटी फंड एवरस्टोन कैपिटल के सह-संस्थापक समीर सैन का नाम शायद ही सुना हो। मगर बियानी और सैन आपस में एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह जानते-समझते हैं। असल में समीर सैन गोल्डमैन सैक्श के प्रबंध निदेशक रह चुके हैं और 2006 में उन्होंने ही बियानी के साथ मिलकर फ्यूचर कैपिटल होल्डिंग्स का गठन किया था। ठीक चार साल पहले जनवरीऔरऔर भी

शेयर बाजार में भले ही छोटे समय में ऑपरेटरों और उस्तादों की चलती हो, लेकिन लंबे समय में हमेशा निवेशकों की ही चलती है। बस जरूरत है तो मजबूत व संभावनामय कंपनियों के चयन की। और, बाजार में ऐसी कंपनियों की कोई कमी नहीं है। एक ताजा अध्ययन में बाजार में लिस्टेड ऐसी 500 कंपनियों की सूची पेश की गई है, जिन्होंने पिछले दस सालों (नवंबर 2001 से लेकर नवंबर 2011) में निवेशकों को लाभांश व शेयरोंऔरऔर भी

यहां कुछ भी अकारण नहीं होता। जो कुछ भी होता है, उसके पीछे कोई न कोई कारण जरूर होता है। यह हमारी ही सीमा है कि हम उस कारण को देख नहीं पाते। सुज़लॉन एनर्जी का शेयर बीते साल अप्रैल में 58.45 रुपए पर जाने के बाद गिरना शुरू हुआ तो गिरता ही चला गया। नए साल के पहले कारोबारी दिन 2 जनवरी को यह मुंह के बल 17.25 रुपए तक गिर गया। करीब नौ महीने मेंऔरऔर भी

शेयर बाजार किसी भी आस्ति वर्ग से ज्यादा रिटर्न देनेवाला माध्यम है। यहां निवेश करने के दो ही रास्ते हैं। एक, अपनी रिसर्च के दम पर सीधे शेयरों को चुनकर निवेश करना और दो, म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश करना। अगर आप अपनी रिसर्च नहीं कर सकते तो आपके लिए एकमात्र रास्ता म्यूचुअल फंडों की इक्विटी स्कीमों का है। वैसे, अपने स्तर पर रिसर्च मुश्किल नहीं है। हम इस कॉलम के जरिए यही साबित करने और सिखानेऔरऔर भी

एमटेक समूह की तीन लिस्टेड कंपनियां। तीनों का वास्ता ऑटो कम्पोनेंट उद्योग से। लेकिन तीनों के शेयरों की चाल अलग। एमटेक ऑटो का शेयर साल भर पहले 8 जनवरी 2011 को 174.40 रुपए के शिखर पर था। लेकिन 21 नवंबर 2011 तक 50 फीसदी से ज्यादा टूटकर 86.05 रुपए पर आ गया। फिलहाल 97.50 रुपए पर है। इस तरह निवेशकों को यह साल भर में 44 फीसदी का घाटा करा चुका है। समूह की अन्य कंपनी अहमदनगरऔरऔर भी

जनवरी 2008 में 130.35 रुपए और जून 2009 में 91.75 रुपए पर रहा जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर का एक रुपए का शेयर जून 2010 में जब 54.40 रुपए तक आ गया तो बाजार के लोगों ने बताया और हमें भी लगा कि यह शेयर जरूर ऊपर जाएगा। 15 जून 2010 को इसके बारे में हमने पहली बार लिखा तो ठीक एक दिन पहले यह 55.40 रुपए पर था और बीएसई व एनएसई को मिलाकर उसमें कुल करीब 35 लाखऔरऔर भी

सरकार के सबसे बड़े योजनाकार और योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने अनुमान जताया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था या जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में अगले बीस सालों तक औसतन 8 से 9 फीसदी की दर से विकास होता रहेगा। आपको याद ही होगा कि जुलाई-सितंबर 2011 की तिमाही में हमारा जीडीपी मात्र 6.9 फीसदी बढ़ा है। पूरे साल का अनुमान 7.25 से 7.50 फीसदी का है। मोटेंक ने शुक्रवार को भुवनेश्वर विश्वविद्यालय में एक भाषणऔरऔर भी

नई पीढ़ी या अमेरिका-यूरोप के लोग फास्टफूड के पीछे भागें तो समझ में आता है। लेकिन हमें भी सब कुछ पकापकाया पाने की चाहत लग गई है। हम भूल जाते हैं कि ये न तो कोई राजा-महाराजों का जमाना है और न ही हम कोई धन्नासेठ हैं कि जिसे भी चाहें, सेवा में लगाकर अपना काम करवा सकते हैं। अपनी बचत को संभालकर निवेश करने की कला हमें खुद ही सीखनी व विकसित करनी होगी। दूसरा कोईऔरऔर भी

उड़ीसा मिनरल्स डेवलपमेंट कंपनी (ओएमडीसी) सार्वजिनक क्षेत्र की कंपनी है। देश भर में इसकी छह खदानें हैं जिनमें 20.6 करोड़ टन लौह अयस्क और 4.4 करोड़ टन मैंगनीज अयस्क का भंडार है। माना जाता है कि इन खदानों का फिर से आकलन किया जाए तो भंडारों की मात्रा दोगुनी हो सकती है। फिलहाल कंपनी पिछले तीन-चार साल से ठंडी पड़ी थी। लेकिन उड़ीसा के क्योंझर जिले में बरबिल के आसपास स्थित उसकी दो खदानों – कोल्हा रोएडाऔरऔर भी